धर्म की रक्षा करने हेतु घर-घर में छत्रपति शिवाजी महाराजजी के जन्म लेने की आवश्यकता ! – श्रीमंत मुधोजी राजे भोसले

दुर्ग (छत्तीसगढ) में ‘शौर्यजागृति प्रशिक्षण शिविर’ में १ सहस्र से अधिक प्रशिक्षणार्थियों का सहभाग

बाएंसे श्री निरंजन चोडणकर, श्री आशिष शर्मा, दुर्ग महापौर श्रीमती अलका बागमार, श्रीमंत मुधोजी राजे भोसले, इनका सत्कार करते हुए पू. अशोक पात्रीकर, सुनील घनवट और कमल बिस्वाल

दुर्ग (छत्तीसगढ) – ‘जब हमारी माता-बहनों पर अत्याचार बढे, हमारे धर्म पर आक्रमण बढे तथा हमारे मंदिरों को ध्वस्त किया जाने लगा, तब हमारे शूर राष्ट्रीय पुरुषों ने उसका प्रतिकार कर हमारी माता-बहनों, मंदिरों एवं धर्म की रक्षा की । उसी प्रकार वर्तमान प्रतिकूल परिस्थिति में भी घर-घर में छत्रपति शिवाजी महाराजजी के जन्म लेने की आवश्यकता है । ‘वैदिक गुरुकुल कल्याण फाउंडेशन’ एवं हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा शौर्य जागृत करने का किया जा रहा कार्य देखकर मेरा यह विश्वास है कि आनेवाले समय में घर-घर में छत्रपति शिवाजी महाराज एवं झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जन्म लेंगी’, ऐसा प्रतिपादन छत्रपति शिवाजी महाराजजी के वंशज श्रीमंत मुधोजीराजे भोसले ने किया । हिन्दू जनजागृति समिति एवं ‘वैदिक गुरुकुल कल्याणकारी फाउंडेशन’ के संयुक्त आयोजन में दुर्ग के पुलगांव की महेश कॉलोनी में आयोजित २ दिवसीय अनिवासी ‘शौर्यजागृति प्रशिक्षण शिविर’ में युवक-युवतियों ने उत्साह के साथ भाग लिया तथा स्वरक्षा की शिक्षा लेकर अन्याय के विरुद्ध लडने का संकल्प लिया ।

इस शिविर में सनातन संस्था के धर्मप्रचारक संत पू. अशोक पात्रीकरजी की वंदनीय उपस्थिति थी । इस शिविर में दुर्ग के पुलिस अधीक्षक श्री. विनोद अगरवाल, पुलिस उपअधीक्षक भारती मारकाम, हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य संगठक श्री. सुनील घनवट, ‘वैदिक गुरुकुल कल्याणकारी फाउंडेशन’ के संस्थापक अधिवक्ता आशीष शर्मा, भाजपा नेता श्री. प्रबल प्रताप जूदेव, राज्य के शिक्षामंत्री श्री. गजेंद्र यादव, दुर्ग की महापौर अलका बागमार आदि मान्यवर उपस्थित थे । उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन कर उनकी प्रशंसा की । हिंदुत्वनिष्ठ गोपाल शर्मा ने आभार प्रदर्शन किया ।

शौर्यजागृति शिविर में स्वरक्षा की शिक्षा लेती युवतियां

इस शिविर के समापन समारोह को संबोधित करते हुए श्रीमंत मुधोजीराजे ने आगे कहा, ‘‘श्रीमंत रघुजीराजे भोसले ने हिन्दू स्वराज की रक्षा के लिए छत्तीसगढ की स्थापना की । हम अपना शौर्य से भरा इतिहास जान लें, तभी हमें आनेवाले काल के लिए सच्ची प्रेरणा मिल सकती है । हम उन वीरों के वंशज हैं । अतः हमें राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा के लिए सदैव प्रयत्नशील रहना चाहिए ।’’

श्रीमंत मुधोजी राजे भोसले

युवकों को स्वयं में शौर्य को जागृत करने की आवश्यता ! – गजेंद्र यादव, शिक्षामंत्री, छत्तीसगढ 

जीजामाता ने छत्रपति शिवाजी महाराजजी को उनके बचपन से ही शस्त्र एवं शास्त्रों की शिक्षा देकर सक्षम बनाया तथा हिन्दू स्वराज्य की नींव रखी । वही शौर्य आज के प्रत्येक युवक में विद्यमान है; परंतु उसे जागृत करने की आवश्यता है, जो इस शिविर के माध्यम से किया जा रहा है ।

सनातन धर्म की रक्षा के लिए शास्त्र के साथ शस्त्र चलाना भी सीखना चाहिए ! – प्रबल प्रताप जूदेव, नेता, भाजपा 

सनातन धर्म की रक्षा करने हेतु शास्त्रों के साथ शस्त्र चलाना भी सीखना आवश्यक है । वर्तमान में सनातन धर्म संकट में हैं; इसलिए सनातन को युवकों की आवश्यकता है । आनेवाले कठिन समय में ही हमें शास्त्र एवं शस्त्र, इन दोनों के साथ तैयार रहना चाहिए । उनकी रक्षा के लिए युवाशक्ति जागृत हो रही है, यह देखकर प्रसन्नता होती है ।

प्रतिसप्ताह नियमितरूप से स्वरक्षा सीखें ! – अलका बागमार, महापौर

हम प्रतिसप्ताह नियमितरूप से ऐसे कार्य के लिए थोडासा समय देकर स्वरक्षा प्रशिक्षण लें तथा अन्यों को भी इस कार्य में सम्मिलित करें, तो वह राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा में हमारा बडा योगदान सिद्ध होगा ।

‘वैदिक गुरुकुल कल्याणकारी फाउंडेशन’ के विषय में फाउंडेशन के संस्थापक अधिवक्ता आशीष शर्मा ने जानकारी दी । हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. कमल बिस्वाल ने इस शिविर की प्रस्तावना बताई तथा अंजली कानस्कर एवं मेघा राठी ने सूत्रसंचालन किया ।