Yavat Pune Offensive Post : धर्मांधों की आपत्तिजनक पोस्ट के कारण यवत (जिला पुणे) में तनाव !
धर्मांध मुसलमान बार-बार हिन्दुओं तथा राष्ट्रप्रेमियों की भावनाएं आहत करते हैं, तो इसका विस्फोट होने पर उसके लिए कौन उत्तरदायी?
धर्मांध मुसलमान बार-बार हिन्दुओं तथा राष्ट्रप्रेमियों की भावनाएं आहत करते हैं, तो इसका विस्फोट होने पर उसके लिए कौन उत्तरदायी?
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के परपोते एवं ‘दैनिक केसरी’ के विश्वस्त संपादक डॉ. दीपक तिलक का १६ जुलाई की सुबह अल्पकालिक बीमारी के कारण निधन हो गया । वे ७२ वर्ष के थे ।
जब तक कोंढवा कट्टरतावादी धर्मांधों का गढ बन गया, तब तक पुलिस प्रशासन क्या कर रहा था ? अब भी क्या इस विषय में पुलिस एवं गुप्तचर तंत्र कोई कार्रवार्ई करेगा या नहीं ?
पुणे-सोलापुर राष्ट्रीय महामार्ग पर स्थित लोणी स्थानक परिसर की कदमवाक बस्ती में इरान के ध्वज तथा इरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामेनई के फलक लगाए जाने की घटना १९ जून की दोपहर को सामने आई ।
सूचना अधिकार से सामने आई यह वास्तविकता केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यक्षमता पर ही नहीं, अपितु देश की सीमावर्ती सुरक्षा पर भी प्रश्नचिन्ह उठानेवाली है !
यहां के गुरुद्वारा कॅम्प क्षेत्र से हडपसर की ओर जा रही दिंडी में भाग लेने वाली एक महिला वारकरी पर नसीम शेख अब्दुल नामक महिला ने हड्डी सहित लाल मांस का टुकडा फेंका । यह घटना २१ जून को घटी ।
अगर इस घटना के पश्चात् कल मुंबई स्थित हाजी अली दरगाह अथवा दिल्ली की जामा मस्जिद के बाहर हिन्दू अगर यह फलक लगाना प्रारम्भ करें कि ‘त्रैलोक्य में भगवान श्रीकृष्ण के अतिरिक्त कोई ईश्वर नहीं’, तो उसमें आश्चर्य की क्या बात ?
श्री विठ्ठल के नाम का जयघोष करते हुए पंढरपुर की ओर विठुमाउली के दर्शन हेतु जा रहे वारकरियों का धर्मांतरण करने के लिए ईसाई मिशनरियों के कुछ एजेंट वारी में सक्रिय पाए गए हैं ।
समस्त वारकरी संप्रदाय एवं संगठनों की पत्रकार वार्ता में मांग l
तीर्थस्थल, देवता, संत, अभंग (भक्तिरचनाएं) तथा पवित्र पंढरपुर की वारी का अनादर सहन न करने की भी दी चेतावनी l
वारी में हाथ में छडी टेककर चलनेवाले वृद्ध, सिर पर बोझ लेकर चलनेवाले वारकरी, थक जाने पर कंधे पर बैठे छोटे बच्चे, बीच-बीच में आनेवाली वर्षा एवं तीव्र धूप – इन सभी कठिनाइयों के पश्चात भी अनेक किलोमीटर की यात्रा करके वारकरियों में उत्साह अविचलित था ।