पंढरपुर की वारी में घुसे ‘शहरी नक्सलियों’ पर सरकार गंभीरता से ध्यान दे !

  • समस्त वारकरी संप्रदाय एवं संगठनों की पत्रकार वार्ता में मांग

  • तीर्थस्थल, देवता, संत, अभंग (भक्तिरचनाएं) तथा पवित्र पंढरपुर की वारी का अनादर सहन न करने की भी दी चेतावनी

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए बाईं ओर से ह.भ.प. वैभव मोरेजी, ह.भ.प. स्वामी भारतानंद सरस्वतीजी, ह.भ.प. नरहरी महाराज चौधरीजी, संतवीर ह.भ.प. बंडातात्या कराडकरजी, श्री. सुनील घनवट, ह.भ.प. भगवान महाराज कोकरेजी, ह.भ.प. राम महाराज कदमजी एवं ह.भ.प. नितीन महाराज मोरेजी; पिछली पंक्ति में बाईं ओर से ह.भ.प. बापू महाराज रावकरजी एवं ह.भ.प. दत्तात्रय चोरघेजी

पुणे, २१ जून (संवाददाता) : महाराष्ट्र के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जीवन में पंढरपुर की वारी का अनन्यसाधारण महत्त्व है । संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर महाराजजी, जगद्गुरु संत तुकाराम महाराजजी, संत एकनाथ महाराजजी, संत नामदेव महाराजजी, संत सोपानकाकाजी तथा अन्य महान वारकरी संतों ने इस वारी के माध्यम से समाज के जीवन को सार्थक बनाने का ज्ञान दिया; परंतु वर्तमान समय में कुछ अनिष्ट प्रवृत्तियां इस पवित्र परंपरा में घुसपैठ कर संत साहित्य, अभंग, धर्मग्रंथ तथा वारकरियों के आस्था के केंद्रों के विषय में दुष्प्रचार कर रहे हैं । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शहा, साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शहरी नक्सलवाद के विरोध में कठोर भूमिका ली है । समरसता तथा उस नाम की आड में काम करनेवाले तथाकथित, साथ ही जिनके कार्यकर्ता नक्सली गतिविधियों में संलिप्तता के कारण पकडे गए हैं, वह अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति, ‘कबीर कला मंच’ सहित अन्य पुरोगामी इस वारी में घुस गए हैं । उन पर शहरी नक्सलवाद में संलिप्तता होने के कारण अपराध पंजीकृत हैं । शासन एवं प्रशासन इस बात को गंभीरता से लेकर उन पर कार्रवाई करे । इसमें वारकरी संप्रदाय की ओर से वारकरी, इन लोगों पर गंभीरता से ध्यान रखेंगे ही; परंतु सरकार शहरी नक्सलवाद चलानेवालों पर गंभीरता से ध्यान दे, यह आवाहन वरिष्ठ कीर्तनकार संतवीरबंडातात्या कराडकरसहित वारकरी संप्रदाय के संत, कीर्तनकारों तथा मान्यवरों ने पुणे में आयोजित पत्रकार वार्ता में किया है ।

समस्त वारकरी संप्रदाय, संस्थान, संगठन तथा हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से पुणे के श्रमिक पत्रकार भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उक्त मांगें की । इस पत्रकार वार्ता में महाराष्ट्र वारकरी महामंडल के सचिव ह.भ.प. नरहरी महाराज चौधरीजी, श्रीक्षेत्र देहू के पूर्व अध्यक्ष ह.भ.प. नितीन मोरे महाराजजी एवं ह.भ.प. वैभव महाराज मोरेजी, संत सोपानकाका पालकी समारोह दिंडी समाज के अध्यक्ष ह.भ.प. राम महाराज कदमजी, ‘अखिल भारतीय संत समिति’ के प्रदेश महामंत्री स्वामी भारतानंद सरस्वती महाराजजी, महाराष्ट्र वारकरी महामंडल के कोंकण प्रांताध्यक्ष ह.भ.प. भगवान महाराज कोकरेजी, राष्ट्रीय वारकरी परिषद के कार्याध्यक्ष ह.भ.प. बापू महाराज रावकरजी, ‘श्री संत तुकाराम महाराज संस्थान, चिंतामणि प्रासादिक दिंडीं’ के ह.भ.प. दत्तात्रय चोरगे महाराजजी, हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य संगठक श्री. सुनील घनवट तथा अन्य संत-महंत उपस्थित थे ।

वारकरी संप्रदाय का झोला ओढकर उसकी बदनामी करनेवालों के वारी में आने पर प्रतिबंध लगाएं ! –

संतवीर ह.भ.प. बंडातात्या कराडकर

वर्तमान समय में वारकरी संप्रदाय महाराष्ट्र का सबसे बडा संप्रदाय है । वारकरी संप्रदाय किसी का भी द्वेष तथा तिरस्कार नहीं करता, साथ ही वारकरी संप्रदाय किसी भी आलोचना की ओर ध्यान नहीं देता; परंतु ऐसा होते हुए भी कुछ लोग सिंह की चमडी ओढकर वारकरियों के साथ धोखाधडी करने का काम करते हैं, जिसे हम किसी भी स्थिति में सहन नहीं करेंगे । इस प्रकार जो लोग गुप्त पद्धति से वारकरी संप्रदाय पर अनुचित बातें थोपने का काम करते हैं, उनका वारकरी संप्रदाय को विरोध करना चाहिए । हमारी मांगों के संदर्भ में हम आषाढी एकादशी तक प्रतीक्षा करेंगे, अन्यथा उसके उपरांत हम हमारी भूमिका घोषित करेंगे । मुख्यमंत्री ने भले ही आळंदी में पशुवधगृह होने न देने का आश्वासन दिया हो, तब भी प्रशासन तत्काल इस संबंध में लिखित आदेश जारी करे । तभी हम यह पशुवधगृह नहीं होगा, इस पर विश्वास करेंगे । वारकरी संप्रदाय का चोला ओढकर वारकरी संप्रदाय को बदनाम करनेवालों को वारी में आने से प्रतिबंधित कीजिए ।

इंद्रायणी-चंद्रभागा इन पवित्र नदियों का प्रदूषण रोकें ! – सुनील घनवट

श्री सुनील घनवट

इंद्रायणी-चंद्रभागा इन पवित्र नदियों का प्रदूषण रोका जाए तथा वारकरियों के तीर्थस्थलों में स्थाईरूप से मदिरा एवं मांस बिक्री बंद की जाए । नक्सलवादी गतिविधियां चलाने के जिन पर आरोप लगे हैं, ऐसे संगठनों के मुखौटे हटकर उनके वास्तविक चेहरे उजागर हुए हैं । रायगढ जिले में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कार्यकर्ताओं पर नक्सलवादी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप लगे हैं । अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति, कबीर कला मंच तथा आधुनिकतावादी गुप्त कार्यसूची (एजेंडा) चला रहे हैं । सरकार शहरी नक्सलवाद का एजेंडा चलानेवालों पर कठोर कारवाई करे ।

देहू की भांति वारकरियों के सभी तीर्थस्थल स्थाईरूप से मदिरा-मांसमुक्त हों ! – ह.भ.प. नितीन महाराज मोरे

ह.भ.प. नितीन महाराज मोरे

कुछ लोग संत एवं महाराजों की आलोचना कर रहे हैं । इसके आगे जो लोग साधु-संतों एवं महापुरुषों की आलोचना करेंगे, उन पर सरकार तत्काल कार्रवाई करे । विदेशों से कुछ धार्मिक संगठन यहां आकर अनुचित कार्य करते हैं, उन्हें भी रोकना होगा । जहां जहां पालकी जाती है, वहां की मदिरा-मांस के दुकानें बंद रखी जाएं ।

पंढरपुर की वारी में घुसकर कोई धर्मांतरण जैसे कृत्य कर रहे हों, तो उन्हें ‘जैसे को वैसा’ उत्तर देने में वारकरी समाज सक्षम ! – ह.भ.प. नरहरि महाराज चौधरी

वारकरी संप्रदाय एक शांतिप्रिय संप्रदाय है । कोई हमारे साथ आनंद लेने के लिए आए, तो हम उनका स्वागत करेंगे; परंतु कोई इस संप्रदाय में घुसकर धर्मांतरण जैसे प्रयास करेगा, तो उन्हें ‘जैसे को वैसा’ उत्तर दिया जाएगा । प्रशासन को ऐसे कृत्यों को रोकने का प्रयास करना चाहिए । हमारे तीर्थस्थल हमारे अनुष्ठानों के स्थान हैं, इसलिए वे मदिरा-मांसमुक्त होने चाहिए । केवल मेले की अवधि तक ही ये दुकानें बंद की जाती हैं । इसके आगे ऐसा न होकर तीर्थस्थलों की पवित्रता बनाए रखने हेतु तथा समाजहित के हेतु ये बंद होने चाहिए ।

संतों एवं महापुरुषों की आलोचना करनेवालों के विरुद्ध तुरंत कानून बनाया जाए ! –

ह.भ.प. राम महाराज कदम

बुद्धिजीवियों द्वारा वारकरी संप्रदाय के ग्रंथ तथा संतों पर कीचड उछालने का काम किया जाता है । सरकार इसके विरुद्ध कानून बनाए । इस संदर्भ में ७ पालकीप्रमुखों तथा अन्य बडे दिंडी प्रमुखों को एकत्रित कर पुनः बैठक की जाए । संतों एवं महापुरुषों की आलोचना करनेवालों पर सरकार तुरंत ईशनिंदा (देवताओं का अनादर) कानून बनाए ।

…अन्यथा जनआंदोलन खडा करेंगे ! – स्वामी भारतानंद सरस्वती महाराज

सरकार को इंद्रायणी नदी तथा आळंदी का महत्त्व समझाना पडता है तथा इसके लिए पत्रकार वार्ता करने की स्थिति आना दुर्भाग्यपूर्ण है । अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति, कबीर कला मंच जैसे संगठन जो ईश्वर को नहीं मानते, ऐसे संगठन वारकरियों के साथ धोखाधडी करते हैं । प्रबोधन करने के नाम पर अनुचित लाभ उठाते हैं । सरकार इसे रोके, अन्यथा जन आंदोलन खडा किया जाएगा ।

पंढरपुर की वारी में जातियता फैलानेवालों का नकाब हटाने के लिए प्रयासरत रहेंगे ! – ह.भ.प. भगवान महाराज कोकरे

पंढरपुर की वारी में जातियता फैलानेवालों का नकाब हटाने के लिए हम प्रयासरत रहेंगे । जिन पर नक्सलवादी गतिविधियों में संलिप्तता के अपराध पंजीकृत हैं, उन्हें आगे कर ये लोग भ्रम फैलाने का काम करते हैं । अतः प्रदूषण नियंत्रण, धर्मांतरण तथा ईशनिंदा के विरुद्ध सरकार कठोर कानून बनाए ।