महाराष्ट्र मंदिर महासंघ : मंदिर-संस्कृति की रक्षा हेतु कार्यरत संगठन !

छत्रपति शिवाजी महाराज एवं राजमाता अहिल्यादेवी होळकर ने मंदिरों की रक्षा की, साथ ही विदेशी आक्रांताओं द्वारा ध्वस्त किए मंदिरों का जीर्णाेद्धार भी किया । इससे मंदिरों का महत्त्व ध्यान में आता है; परंतु भारत द्वारा ‘सेक्युलर’ तंत्र अपनाए जाने के कारण मंदिरों पर नई-नई पद्धतियों से आघात हो रहे हैं ।

निजी यात्री बस संचालकों द्वारा होने वाली लूट रोकने हेतु राज्य सरकार बनाएगी कानून !

अनेक वर्षों की ‘सुराज्य अभियान’ की मांग को सफलता !
निजी यात्री परिवहन संचालकों को महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (एस.टी.) की दर से ५० प्रतिशत अधिक टिकट दर लेने का शासन निर्णय है ।

सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार और कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढा को श्री राजमातंगी महायज्ञ का निमंत्रण !

सनातन संस्था की ओर से मुंबई में आयोजित होनेवाले श्री राजमातंगी महायज्ञ के लिए महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री श्री. आशीष शेलार और कौशल विकास मंत्री श्री. मंगलप्रभात लोढा को आमंत्रित किया गया है

आगामी अधिवेशन में मंदिरों की भूमि से संबंधित अधिनियम लाया जाएगा ! – चंद्रशेखर बावनकुळे, राजस्व मंत्री

जुलाई मास में यह अधिनियम पूर्णतः लागू हो जाएगा । महाराष्ट्र के साढे चार लाख मंदिरों की भूमि के हस्तांतरण से संबंधित यह अधिनियम है । रत्नागिरी जिले के चिपळूण तहसील के ऐतिहासिक पेढे परशुराम देवस्थान के संदर्भ में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे के कक्ष में संपन्न हुई बैठक में उन्होंने यह जानकारी दी ।

हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सत्कार !

राज्य में धर्मांतरण निरोधक कानून लागू करने एवं राज्य को नक्सलमुक्त करने की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हिन्दू जनजागृति समिति एवं गोरक्षकों के संयुक्त मंडल ने अभिनंदन किया ।

भारत को ‘हिन्दू राष्ट्र’ घोषित करना सामूहिक लक्ष्य ! – सुनील घनवट, संगठक, हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति

श्री. सुनील घनवट ने बताया कि वर्तमान समय में विश्व में १५७ से अधिक ईसाई राष्ट्र, ५९ इस्लामी राष्ट्र एवं १२ बौद्ध राष्ट्र हैं; परंतु करोडों जनसंख्या होते हुए भी हिन्दुओं का स्वतंत्र राष्ट्र नहीं है, जो गंभीर बात है ।

मंदिरों के संरक्षण एवं सुव्यवस्था के लिए ‘मंदिर महासंघ छत्तीसगढ’ की स्थापना l

महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक आदि राज्यों में मंदिरों का प्रभावी संगठन निर्माण करने के उपरांत अब छत्तीसगढ राज्य में भी मंदिर महासंघ की स्थापना की गई है । अक्षय तृतीया के पवित्र मुहूर्त पर १९ अप्रैल २०२६ को मंदिर महासंघ की औपचारिक स्थापना की जाएगी ।

मंदिरों में ‘सशुल्क दर्शन सेवा’ की सुविधा बंद करें तथा देवस्थानों में राजनीतिक नियुक्तियां न हों ! – सुनील घनवट, राष्ट्रीय संगठक, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ

‘विश्वस्त’ (ट्रस्टी) के रूप में श्रद्धालु की नियुक्ति करने की मांग !

‘भूमि सुपोषण अभियान’में समाज के सभी घटक सम्मिलित हों ! – केंद्रीय कृषिमंत्री शिवराजसिंह चौहान

इस अवसर पर श्री. सुनील घनवट ने कहा कि श्री मंगलग्रह मंदिर से भूमि सुपोषण राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ हो रहा है, इस पर मुझे गर्व है । अब केवल जलगांव अथवा महाराष्ट्र राज्य में ही नहीं, अपितु पूरे देश में इसका प्रचार एवं प्रसार होगा ।

अंततः हिन्दू संगठनों की मांग की गई स्वीकार ! महाराष्ट्र में ‘धर्मस्वतंत्रता विधेयक’ पारित ! – हिन्दू जनजागृति समिति

महाराष्ट्र सरकार ने विधानमंडल के अधिवेशन में दोनों सदनों में ‘महाराष्ट्र धर्मस्वतंत्रता विधेयक २०२६’ पारित किया । इस प्रशंसनीय निर्णय के लिए हिन्दू जनजागृति समिति राज्य सरकार का मन से अभिनंदन करती है ।