छत्रपति शिवाजी महाराज एवं राजमाता अहिल्यादेवी होळकर ने मंदिरों की रक्षा की, साथ ही विदेशी आक्रांताओं द्वारा ध्वस्त किए मंदिरों का जीर्णाेद्धार भी किया । इससे मंदिरों का महत्त्व ध्यान में आता है; परंतु भारत द्वारा ‘सेक्युलर’ तंत्र अपनाए जाने के कारण मंदिरों पर नई-नई पद्धतियों से आघात हो रहे हैं । मंदिरों का सरकारीकरण तथा इन मंदिरों में चल रहा भ्रष्टाचार, पैसे लेकर ‘वी.आई.पी.’ दर्शन, मंदिरों की भूमि हडपने सहित ‘वक्फ बोर्ड’ का भी अतिक्रमण हो रहा है । इस कारण मंदिर रक्षा के लिए ‘महाराष्ट्र मंदिर महासंघ’ कार्यरत है । मंदिरों की समस्याओं का समाधान करने के साथ ही यह महासंघ मंदिरों का संगठन कर रहा है । इस दैवी कार्य में आपका भी सहभाग आवश्यक है; इसीलिए मठ-मंदिरों के न्यासी, पुजारी एवं प्रतिनिधि मंदिर महासंघ के इस कार्य में सम्मिलित हों !

मंदिर महासंघ द्वारा किया जा रहा मंदिर-संस्कृति की रक्षा का कार्य !
१. महाराष्ट्र के अनेक मंदिरों की भूमि घोटालेबाजों के नियंत्रण में जाने से बचाई !
२. कर्नाटक राज्य में महासंघ के विरोध के कारण मंदिरों से धन लेनेवाला ‘मंदिर एवं धर्मादाय संस्था कर संशोधन विधेयक २०२४’ पारित नहीं हो सका ।
३. मंदिरों के १५ सहस्र से अधिक न्यासियों, पुरोहितों, धार्मिक संस्थाओं तथा भक्तों का संगठन !
४. न्यासियों-पुजारियों के लिए निवासी कार्यशालाओं का आयोजन !
५. महाराष्ट्र, गोवा एवं कर्नाटक राज्य के ८०० से अधिक मंदिरों में वस्त्रसंहिता लागू हुई है !
६. मंदिर रक्षा हेतु न्यायालयों में याचिकाएं प्रविष्ट की !
– श्री. सुनील घनवट, महाराष्ट्र राज्य संगठक, हिन्दू जनजागृति समिति
मंदिरों के प्रभावी संगठन के लिए कृतिशील बनें !अपना मंदिर : संक्षिप्त परिचय महाराष्ट्र मंदिर महासंघ राज्य के मंदिरों की जानकारी एकत्रित कर मंदिरों का प्रभावी संगठन बनाने के लिए प्रयासशील है, अतः महासंघ ने ऑनलाइन पद्धति से आपके क्षेत्र के मंदिर का संक्षेप में ऑनलाइन आवेदन भरने का अनुरोध किया है । यह आवेदन नीचे दी लिंक पर उपलब्ध है । लिंक : https://shorturl.at/p5ZCJ संपर्क क्र. – 7219361411 इसमें सभी उत्स्फूर्तता से सम्मिलित हों तथा मंदिर-संस्कृति की रक्षा का धर्मकर्तव्य निभाएं ! इस आवेदन में मंदिर की स्थापना का वर्ष, मंदिर का व्यवस्थापन कौन देखता है ? मंदिर की स्वच्छता, साथ ही त्योहार-उत्सव, मंदिरों पर उत्पन्न संकटों की जानकारी, श्रद्धालुओं की संख्या, धर्मकार्य में सम्मिलित होने के विषय में आपका मत आदि प्रश्न पूछे गए हैं । |
Badrinath Temple Arrest : बद्रीनाथ मंदिर में दान चोरी के प्रकरण में मंदिर के भूतपूर्व अधिकारी बंदी बनाए गए
Puri Rath Yatra : पुरी में विश्वविख्यात भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ !
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।
श्रीराम मंदिर को सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी की नहीं, रामभक्त की आवश्यकता !
Ambaji Temple Donation Theft : गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर में भी नोटों की गिनती के समय २ महीने पहले चोरी होने का प्रकरण उजागर !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार