Mahakumbh 2025 : पाक अधिकृत कश्मीर की मुक्ति के लिए जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज करेंगे यज्ञ
महाकुंभ नगरी में आरंभ होंगे सैकडों यज्ञ !
महाकुंभ नगरी में आरंभ होंगे सैकडों यज्ञ !
१५ जनवरी से १४ फरवरी की अवधि में यह महायज्ञ होगा । इस महायज्ञ में ३२४ यज्ञकुण्ड बनाए जा रहे हैं । इस महायज्ञ के लिए पूरे देश से २ सहस्र १०० ब्रह्मवृंद आनेवाले हैं ।
सप्तर्षि की आज्ञा से यहां के सनातन के आश्रम में दशहरे के दिन अर्थात १२ अक्टूबर को सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का स्वास्थ्य अच्छा रहे तथा उन्हें दीर्घायु प्राप्त हो; इसके लिए महामृत्युंजय यज्ञ किया गया ।
स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने आगे कहा कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा शास्त्रानुसार ही हो रही है । श्रीराम मंदिर का गर्भगृह बन गया है, वह अधूरा नहीं है ।
सप्तर्षियों की आज्ञा के अनुसार ब्रह्मोत्सव समारोह के उपरांत १४ एवं १५ मई को हिन्दू राष्ट्र-स्थापना की अडचनें दूर हों, इसके लिए चंडी याग किया गया । इस याग में सप्तशती का पाठ करते हुए आहुतियां दी गईं ।
हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि यज्ञयाग से मनुष्य का तनाव अल्प होने के साथ-साथ वातावरण के प्रदूषण का स्तर भी न्यून होता है ।