जबलपुर (मध्य प्रदेश) यहां कांग्रेस के कार्यालय में तोडफोड
पुलिस की निगरानी में यदि तोडफोड होती है, तो ऐसी पुलिस का क्या उपयोग ? ऐसी पुलिस पर ही कार्रवाई करनी चाहिए !
पुलिस की निगरानी में यदि तोडफोड होती है, तो ऐसी पुलिस का क्या उपयोग ? ऐसी पुलिस पर ही कार्रवाई करनी चाहिए !
इस घटना से यह स्पष्ट है कि हिन्दुत्वनिष्ठ ही नहीं, अपितु उनके समर्थक भी अब असुरक्षित जीवन जी रहे हैं !
ऐसे धर्मांध सरपंच गांव का कामकाज कैसे चलाते होंगे, इसका विचार न करना ही योग्य है !
मृत नक्सलवादी द्वारा महाराष्ट्र दिन के निमित्त आक्रमण करने की थी तैयारी !
गैस रिसाव के कारण अग्निशमन दल तथा पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर पूरा परिसर बंद कर दिया । गैस रिसाव के पीछे क्या कारण है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है ।
कर्नाटक की साम्यवादी (कम्युनिस्ट) पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या प्रकरण में पिरोए गए एवं हिन्दुओं के पक्ष में लडनेवाले हिन्दुत्वनिष्ठ अधिवक्ता पी. कृष्णमूर्ति पर १२ अप्रैल की रात को अज्ञातों ने गोलीबारी की । हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा कर्नाटक राज्य के पुलिस महासंचालक को निवेदन प्रस्तुत |
अवैध चर्च तोडने के विरुद्ध कर रहे थे आंदोलन !
कहा जाता है कि, तोडफोड करनेवाले आदिवासी धर्मपरिवर्तित ईसाई है !
ऐसे अधिकारियों को नौकरी से हटाकर आजन्म कारावास में रखने का दंड सरकार द्वारा दिया जाना चाहिए |
पुलिस का कहना है कि उनके द्वारा रोका जानेपर भी २२ अप्रैल को जाजमऊ, बाबूपुरवा एवं बेनाबझार ईदगाह के सामने (नमाज पठन का स्थान) मार्गपर ही नमाज पठन किया गया ।
‘कांग्रेस के चुनाव में जीतने पर पूरे कर्नाटक में होंगे दंगे’, ऐसा दिया था वक्तव्य !