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इंफाल (मणिपुर) – मणिपुर में स्थित चुराचांदपुर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के पूर्व रात्रि उनके सभा स्थान पर आदिवासी आंदोलनकारियों ने तोडफोड कर आगजनी की । हिंसा करनेवाले आदिवासियों का नेतृत्व स्थानीय नेता कर रहे हैं । कहा जा रहा है कि ये आदिवासी धर्मपरिवर्तित ईसाई हैं । भाजपा के नेतृत्ववाली मणिपुर सरकार के निर्णय के अनुसार आदिवासियों के लिए आरक्षित एवं संरक्षित वनक्षेत्र का सर्वेक्षण किया जा रहा है । इस आदेश के बहाने राज्य सरकार चर्च को तोड रही है, आदिवासी मंच ऐसा आरोप लगा रहा है तथा धर्मपरिवर्तित आदिवासी इसके विरुद्ध आंदोलन कर रहे हैं । इस आंदोलन को लेकर उन्होंने यह तोडफोड की । इस समय पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया । अब वहां समुहबंदी (धारा १४४) लागू की गई है ।
मणिपुर में गुस्साई भीड़ ने मुख्यमंत्री के दौरे के लिए बनाए गए मंच को आग के हवाले कर दिया.
— AajTak (@aajtak) April 28, 2023
अवैध निर्माण के आरोप के कारण मणिपुर सरकार ने ११ अप्रैल को इंफाल में ३ चर्च तोडे थे । चर्च तोडने के आदेश के विरुद्ध मणिपुर उच्च न्यायालय में याचिका भी प्रविष्ट की गई थी; परंतु न्यायालय ने स्थगिति देना अस्वीकार किया ।
संपादकीय भूमिकापहले अवैध चर्च का निर्माण करना तथा उस पर कार्यवाही की, तो कानून हाथ में लेकर सीधे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के स्थान पर तोडफोड करना, इससे समझमें आता है कि धर्मपरिवर्तित लोगों का साहस कितना बढ गया है ! यह कानूनद्रोही मानसिकता जड से नष्ट करने हेतु मणिपुर सरकार को कठोर कदम उठाना आवश्यक है ! |
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जब तक त्यागपत्र नहीं दे देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा !
सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त किया !
हमने सरकार के समक्ष रखीं ३ मांगें !
Bangladesh Foreign Affairs Minister : (और इनकी सुनिए) “विश्व का सबसे बडा लोकतंत्र भारत अपने नागरिकों की समस्याओं पर ध्यान देगा, ऐसी आशा है ।”
शिक्षा सचिव का स्थानांतरण– पेपर लीक की घटनाएं रोकने हेतु नया कानून भी बनाएंगे ।
Assam Flood : असम में भीषण बाढ – ४१ लोगों की मृत्यु ।