Ramlala Surya Tilak : श्रीरामलला के मस्तक पर ९ मिनट तक सूर्यकिरणों का तेजस्वी स्पर्श !

सूर्यतिलक समारोह के लिए २० अष्टधातु की पाइपों से ६५ फुट लंबी एक विशेष संरचना तैयार की गई थी । गर्भगृह में लगे ४ लेंस एवं ४ दर्पणों के माध्यम से सूर्य की किरणें श्रीरामलल्ला के मस्तक तक पहुंचाई गईं । इस सूर्यतिलक समारोह के माध्यम से श्रीरामलला का जन्मोत्सव मनाया गया ।

Ayodhya Babri Masjid : (और इनकी सुनिए…) “अयोध्या में बाबरी मस्जिद थी, है एवं आगे भी रहेगी ” – मौलाना जर्जिस अंसारी

जब तक देश में बाबर के ऐसे वंशज विद्यमान हैं, तब तक अयोध्या के श्रीराम मंदिर पर संकट बना रहेगा । ऐसे वंशजों पर नियंत्रण के लिए सरकार को कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है ।

Ayodhya Ram Mandir Namaj : कश्मीरी युवक वहां कैसे एवं कहां से आया ? – इकबाल अंसारी

जम्मू कश्मीर के अबू अहमद शेख ने श्रीराम मंदिर में घुसकर नमाज पठन किया तथा ‘अल्लाहु अकबर’ घोषणाएं दीं । इस पर सर्वत्र विरोध हो रहा है तथा श्रीराम जन्मभूमि प्रकरण में मुसलमान पक्ष के याचिकाकर्ता इकबाल अंसारी ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की है ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : श्रीराम मंदिर के लिए कानूनी लडाई  श्रीराम द्वारा दी गई अनुभूति ही है !- अधिवक्ता श्रीधर पोतराजूजी, सर्वाेच्च न्यायालय

‘मंदिर-रक्षा चर्चासत्र’ में दैवी अनुभूति सुनकर धर्मप्रेमी मंत्रमुग्ध !

Dr Ram Vilas Vedanti : श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के संत डॉ. रामविलास दास वेदांती का देहत्याग

भाजप के भूतपूर्व संरक्षक तथा श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के जाने-माने संत डॉ. रामविलास दास वेदांती इन्होंने यहां देहत्याग किया ।

Ram Mandir Dhwajarohan : ५०० वर्ष पुराने यज्ञ की पूर्णाहुति ! – प्रधानमंत्री मोदी

अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर ध्वजारोहण !

Murshidabad (WB) Babri Masjid : मुर्शिदाबाद (बंगाल) में बाबरी मस्जिद की नींव रखे जाने के लगाए गए फलक (पोस्टर) !

ऐसे कितने भी फलक लगाए जाएं, परंतु धर्मांधों को यह याद रखना चाहिए कि बाबरी के नाम पर कोई भी भवन फिर से देश में खडा नहीं हो सकता !

मंदिरों के कारण उद्योग तथा लोककलाओं का विकास !

मंदिरों की यात्रा करने के उपरांत भक्त एवं श्रद्धालु परिवार के साथ आस-पास के स्थानों पर भी घूमने जाते हैं । वे वहां ठहरते हैं । परिणामस्वरूप पर्यटन उद्योग भी स्वतः ही बढने लगता है ।

Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या के श्रीराम मंदिर के शिखर पर स्थापित होगा स्वर्ण कलश

शिखर स्थापना के अनुष्ठान तीन जून से प्रारंभ होंगे ।

हिन्दू धर्म की रक्षा हेतु तथा आक्रांताओं द्वारा गिराए गए हिन्दू मंदिरों को पुनः नियंत्रण में लेने हेतु न्यायालयीन लडाई लडनेवाले पू. अधिवक्ता हरि शंकर जैनजी (आयु ७० वर्ष) !

अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ । पूरे देश में उसका आनंदोत्सव मनाया गया; परंतु उसके लिए अनेक लोगों को संघर्ष करना पडा । उसमें श्रीराम मंदिर की न्यायालयीन लडाई में विजय प्राप्त कराने में प्रखर धर्माभिमानी पू. अधिवक्ता हरि शंकर जैनजी का बडा योगदान है ।