पुरातत्वविद् के.के. मुहम्मद का वक्तव्य

नई दिल्ली – भारत केवल इसलिए धर्मनिरपेक्ष है क्योंकि यह हिन्दू बहुल देश है । श्री रामजन्मभूमि मंदिर के भूमि सर्वेक्षण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुरातत्वविद् के.के. मुहम्मद ने ऐसा वक्तव्य करते हुए कहा ‘यदि मुसलमान बहुसंख्य रहते तो भारत कभी भी धर्मनिरपेक्ष नहीं बनता ।’ उनका एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है । उन्होंने इसमें यह वक्तव्य किया है । के.के. मोहम्मद को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है । वे वर्तमान में भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद के सदस्य हैं । के.के. मोहम्मद ने इससे पहले मथुरा एवं ज्ञानवापी के स्मारकों को हिन्दुओं को वापस सौंपने का अनुरोध भी किया था । जो मुसलमान भगवान श्री राम और श्री कृष्ण को राष्ट्रीय नायक नहीं मानते, वे आदर्श नहीं हो सकते ।
🇮🇳 If India were a Muslim-majority country, it would NEVER have been secular!
🗣️ Archaeologist K.K. Muhammad’s bold statement.
🤐 So-called secular Hindu leaders & parties will stay silent—
💡 Speaking up = Losing Muslim votes & foreign funding! pic.twitter.com/22vH10ZCQS— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) April 1, 2025
संपादकीय भूमिकादेश के तथाकथित धर्मनिरपेक्ष हिन्दू नेता एवं उनकी पार्टियाँ तथा अन्य संगठन तथा संस्थाएं इस स्पष्टीकरण पर अपना मुंह नहीं खोलेंगे । क्योंकि इस प्रकार से उन्हें मुस्लिम वोट एवं विदेश से धन भी नहीं मिलेगा ! |