साम्यवादियों का समकालीन हिन्दूविरोधी प्रचार !

‘हिन्दू एवं मुसलमानों का सहअस्तित्व देश के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा’, ऐसा दूरदृष्टि से बोलनेवाले डॉ. आंबेडकर एकमात्र थे । वे कांग्रेस के नेताओं के कडे आलोचक थे ।

धर्मप्रसार हेतु अधिकाधिक संत बनने आवश्यक ! – बाल सुब्रह्मण्यम्, निदेशक, मंगलतीर्थ इस्टेट एवं ब्रुकफील्ड इस्टेट, चेन्नई, तमिलनाडू

वेद, पुराणों, उपनिषदों, गीता, रामायण, महाभारत आदि धर्मग्रंथों में एक शब्द का भी परिवर्तन हुए बिना वे हम तक पहुंचे हैं । यह केवल गुरु-शिष्य परंपरा के कारण संभव हुआ है; इसलिए हमें गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान करना चाहिए ।

कश्मीर में सेना की ओर से धर्मांधों द्वारा तोडे गए कुछ मंदिरों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है ! – मेजर सरस त्रिपाठी

एक बार अटलबिहारी वाजपेयी के पास एक पाकिस्तानी अधिकारी आकर कश्मीर का मानचित्र देकर उन्हें कहने लगा, ‘आप यह टोपी निकाल कर दें’ उस समय उन्होंने कहा, ‘‘यह टोपी नहीं, अपितु हमारा मस्तक है तथा मस्तक कोई निकालकर नहीं देता ।

संस्कृति पर आक्रमण करनेवालों के मुखौटों को पहचानकर उनके विरुद्ध लडना चाहिए ! – अभिजीत जोग, प्रबंध निदेशक, ‘प्रतिसाद’ कम्युनिकेशन

धर्मसंस्था, राष्ट्रवाद एवं शिक्षाव्यवस्था संस्कृति के आधार हैं; इसलिए उन्हें नष्ट करने का प्रयास किया गया । हमारी संस्कृति यदि नष्ट हुई, तो हमारा अस्तित्व मिट जाएगा । इसलिए इस आक्रमण को समझ लेना पडेगा ।

Vaishvik Hindu Rashtra Mahotsav Special : हिन्दू संस्कृति तथा हिन्दू प्रतिकों की रक्षा का कार्य

हिन्दुओं को मिटाने हेतु यदि विरोधी एकत्रित होते हों, तो हिन्दुओं को भी संगठित होना चाहिए ! – सुनील घनवट, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य समन्वयक, हिन्दू जनजागृति समिति

प्राचीन भारतीय मंदिरों की अलौकिक धरोहर !

सौर किरणें मूर्ति पर पडें; इसके लिए मंदिर सदैव पूर्व-पश्चिम दिशा में होते हैं; क्योंकि सूर्यप्रकाश में अधिक मात्रा में पवित्रक होते हैं ।

दक्षिण ध्रुव तक बिना किसी बाधा के मार्ग दिखानेवाला सोमनाथ मंदिर !

चुंबकीय प्रभाव के कारण यहां का शिवलिंग हवा में डोलता था । वास्तुकला का यह एक अद्भुत उदाहरण तथा वहां सोना-चांदी का प्रचुर भंडार था ।

हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने की कुलगुरु डॉ. प्रकाश महानवर से सद्भावना भेंट !

सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने उन्हे ‘तनावमुक्ति हेतु उपाय’, ‘ग्रह-तारों का सकारात्मक तथा नकारात्मक परिणाम कैसे होता है ?, इस संबंध में शोधकार्य, साथ ही ‘मंदिर में बैठने से होनेवाले सकारात्मक परिणाम’, इन विषयों की जानकारी दी ।

Kumbh In Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के कुंभपर्व हेतु ४ सहस्र हेक्टेयर भूमि उपयोग में लाई जाएगी !

महाकुंभपर्व हेतु २ सहस्र ५०० करोड रुपए का प्रावधान

श्री विठ्ठल मंदिर में हनुमान द्वार के पास मिला तलघर !

यह तलघर ६ फुट लंबा और ६ फुट चौड़ा है तथा उसमें मूर्ति समान वस्तु होने की बात कही जा रही है ।