भारत को इस्लामी देश बनने से बचाने के लिए हिन्दू राष्ट्र बनाना आवश्यक ! – सद्गुरु नीलेश सिंगबाळ, हिन्दू जनजागृति समिति

छद्म धर्मनिरपेक्षता के नाम पर अल्पसंख्यकों का चल रहा यह तुष्टीकरण यदि ऐसा ही चलता रहा, तो भारत में इस्लामी शासन आएगा । अतः इसे टालने के लिए हिन्दू राष्ट्र की स्थापना आवश्यक है’, ऐसा मार्गदर्शन सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने ‘बनारस इस्टेट’ में आयोजित हिन्दू राष्ट्र-जागृति व्याख्यान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किया ।

पुत्तूरु (कर्नाटक) में ‘एस्.डी.पी.आई’ (SDPI) का विरोध होने पर भी ‘हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभा’ सफलतापूर्वक संपन्न !

‘एस्.डी.पी.आई’ एक धर्मांध, कट्टरतावादी एवं देशविघातक राजनीतिक संगठन है तथा ऐसा होते हुए भी उस पर अभी तक प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया गया ?, यह प्रश्न है !

रामराज्य के समान हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए रामभक्तों ने लिया एकजुट होकर मार्गक्रमण करने का प्रण !

इस वर्ष श्रीराम मंदिर में भगवा ध्वज केवल ‘भगवा ध्वज’ नहीं है, अपितु ५०० वर्षों के संघर्ष से प्राप्त हुए विजय का ‘विजयध्वज’ है ।

धर्म एवं संस्कृति के पुनरजीवन के लिए समर्पित भाव से कार्य करनेवाले राहुल दीवान !

‘संगम टॉक्स’ हिन्दू धर्म एवं संस्कृति की रक्षा, इतिहास, तत्त्वज्ञान, विरासत, भारतीय ज्ञान प्रणाली, विज्ञान, गणित, अर्थशास्त्र, कला, पर्यावरण एवं प्रवास इत्यादि के लिए एक बडा व्यासपीठ बन गया है ।

(और इनकी सुनिये…) ‘हिन्दू राष्ट्र का स्वप्न देखनेवाले नेपाल से शिक्षा लें !’ – Maulana Arshad Madani

नेपाल के हिन्दू राष्ट्र से धर्मनिरपेक्ष होने के पश्चात नेपाल की जो स्थिति हुई है, उसे वहां की हिन्दू जनता देख रही है तथा वह पुनः नेपाल को हिन्दू राष्ट्र बनाने हेतु आंदोलन कर रही है । शीघ्र ही नेपाल पुनः हिन्दू राष्ट्र बने बिना नहीं रहेगा, यह मदनी को स्मरण रखना चाहिए !

MP Hindu Conference : सत्यनिष्ठा से कार्य करने पर सम्मेलन लिए बिना भी हिन्दू राष्ट्र बनेगा ! – पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ, प्रसिद्ध व्याख्याता

सिवनी (मध्यप्रदेश) में हिन्दू सेवा परिषद की ओर से आयोजित हिन्दू सम्मेलन का उत्स्फूर्त प्रत्युत्तर

सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव से दिल्ली में परिवर्तन आरंभ !

जिस इंद्रप्रस्थ में कुछ शताब्दी पूर्व हिन्दू धर्मी पांडव रहते थे, वह दिल्ली मुगल इस्लामी आक्रमणकारियों के अत्याचारों, नरसंहार, साथ ही अनाचार के कारण अशुद्ध हो गई थी । इस महान आध्यात्मिक शक्ति वाले महोत्सव से उसे शुद्ध करने का कार्य सिद्ध हुआ !

हिन्दुओं को अपने खोए हुए भूप्रदेश पुन: जीतने के प्रयत्न करने चाहिए ! – स्वामी विज्ञानानंदजी, सह महामंत्री, विश्व हिन्दू परिषद

विश्व हिन्दू परिषद के सह महामंत्री स्वामी विज्ञानानंदजी ने ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में उद्बोधन करते हुए कहा, ‘‘जो राष्ट्र हिन्दू जीवनपद्धति अपनाएगा, वह हिन्दू राष्ट्र बनेगा । स्वतंत्रता पूर्व भारत समृद्ध भारत था । सूर्य के उदय से अस्त तक का संपूर्ण भूप्रदेश हिन्दुओेंं के अधिपत्य में था ।

‘सनातन राष्ट्र’ का शंखनाद किसलिए ?

‘लोकतंत्र और संविधान के माध्यम से ‘हिन्दू राष्ट्र’ आ सकता है’, यह प्रतिबिंबित करने के लिए ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का आयोजन !

विशेष संपादकीय : …अब रामराज्य का धर्मध्वज फहराना चाहिए !

सम्मानपूर्वक फहरानेवाला यह धर्मध्वज बता रहा है कि ‘आनेवाले कुछ वर्षाें में ‘आर्थिक महासत्ता’ बननेवाला भारत ‘आध्यात्मिक महासत्ता’ कहलाएगा । उसकी पुकार सुनकर उसका यथोचित सम्मान रखने के लिए अब शासन के साथ प्रत्येक देशभक्त और देवभक्त को संगठित रूप से रामनाम का जयघोष अपने अंतरंग में बसाना चाहिए !