परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ‘हिन्दू राष्ट्र आएगा’, केवल इतना कहते ही नहीं, अपितु उसे साकार करने के लिए भी प्रयत्नरत !

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजीे ने वर्ष २०१२ में केवल हिन्दू राष्ट्र के विषय में ही नहीं बताया, अपितु ‘उसके लिए क्या प्रयास करने चाहिए ?’ यह भी बताया और वे इसके लिए प्रयास भी करवा रहे हैं :

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु विभिन्न स्तरों पर कार्य !

वर्ष १९९८ में सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी (गुरुदेवजी) ने ५६ वर्ष की आयु में सार्वजनिक रूप से विचार रखा, ‘भारत में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करना’, ही हिन्दुओं की सामाजिक, राष्ट्रीय एवं धार्मिक समस्याओं का एकमात्र उपाय है ।’

हिन्दू राष्ट्र निश्चित रूप से बनेगा ! – Mahabharat Actors

यहां आयोजित बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रवचन कार्यक्रम के समय बी.आर. चोपड़ा के प्रसिद्ध ‘महाभारत’ धारावाहिक के कलाकार उपस्थित थे ।

पूरे देश में ‘गोवंश हत्या प्रतिबंध’ एवं ‘धर्मांतरण विरोधी’ कानून लागू करें ! – अधिवेशन में मांग

बिहार राज्य स्तरीय ‘हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ संपन्न !

Astrologer Dr. Anil Vaidya : वर्ष २०२६-२७ में भारत ‘हिन्दू राष्ट्र’ के रूप में घोषित होने की संभावना !

अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष-भाष्यकार डॉ. अनिल वैद्य की भविष्यवाणी
वर्ष २०२५ से २०३२ का काल विश्व के लिए अत्यंत कठिन

भारत को इस्लामी देश बनने से बचाने के लिए हिन्दू राष्ट्र बनाना आवश्यक ! – सद्गुरु नीलेश सिंगबाळ, हिन्दू जनजागृति समिति

छद्म धर्मनिरपेक्षता के नाम पर अल्पसंख्यकों का चल रहा यह तुष्टीकरण यदि ऐसा ही चलता रहा, तो भारत में इस्लामी शासन आएगा । अतः इसे टालने के लिए हिन्दू राष्ट्र की स्थापना आवश्यक है’, ऐसा मार्गदर्शन सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने ‘बनारस इस्टेट’ में आयोजित हिन्दू राष्ट्र-जागृति व्याख्यान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किया ।

पुत्तूरु (कर्नाटक) में ‘एस्.डी.पी.आई’ (SDPI) का विरोध होने पर भी ‘हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभा’ सफलतापूर्वक संपन्न !

‘एस्.डी.पी.आई’ एक धर्मांध, कट्टरतावादी एवं देशविघातक राजनीतिक संगठन है तथा ऐसा होते हुए भी उस पर अभी तक प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया गया ?, यह प्रश्न है !

रामराज्य के समान हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए रामभक्तों ने लिया एकजुट होकर मार्गक्रमण करने का प्रण !

इस वर्ष श्रीराम मंदिर में भगवा ध्वज केवल ‘भगवा ध्वज’ नहीं है, अपितु ५०० वर्षों के संघर्ष से प्राप्त हुए विजय का ‘विजयध्वज’ है ।

धर्म एवं संस्कृति के पुनरजीवन के लिए समर्पित भाव से कार्य करनेवाले राहुल दीवान !

‘संगम टॉक्स’ हिन्दू धर्म एवं संस्कृति की रक्षा, इतिहास, तत्त्वज्ञान, विरासत, भारतीय ज्ञान प्रणाली, विज्ञान, गणित, अर्थशास्त्र, कला, पर्यावरण एवं प्रवास इत्यादि के लिए एक बडा व्यासपीठ बन गया है ।

(और इनकी सुनिये…) ‘हिन्दू राष्ट्र का स्वप्न देखनेवाले नेपाल से शिक्षा लें !’ – Maulana Arshad Madani

नेपाल के हिन्दू राष्ट्र से धर्मनिरपेक्ष होने के पश्चात नेपाल की जो स्थिति हुई है, उसे वहां की हिन्दू जनता देख रही है तथा वह पुनः नेपाल को हिन्दू राष्ट्र बनाने हेतु आंदोलन कर रही है । शीघ्र ही नेपाल पुनः हिन्दू राष्ट्र बने बिना नहीं रहेगा, यह मदनी को स्मरण रखना चाहिए !