Ram Mandir Donation Theft : महाकुंभ पर्व की अवधि में गबन अधिक संगठित तरीके से होने का संदेह !
‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ ने ही हमें भर्ती करनेवाले लोगों के नाम दिए थे ! – सिक्योरिटी सर्विसेज
‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ ने ही हमें भर्ती करनेवाले लोगों के नाम दिए थे ! – सिक्योरिटी सर्विसेज
वर्ष २०२७ में होने वाले सिंहस्थ कुंभ पर्व के अवसर पर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं तथा साधु-संतों की भारी भीड को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने वर्ष २०१५ की तुलना में इस बार साधुग्राम का विस्तार तीन गुना बढाने का निर्णय लिया है ।
‘वर्तमान ईंधन संकट को देखते हुए सिंहस्थ कुंभ मेले के कार्य समय पर पूर्ण करना असंभव हो जाएगा । जिला प्रशासन को समय रहते ध्यान देकर ईंधन की कमी की समस्या का समाधान करना चाहिए’, ऐसी मांग नागरिकों ने की है ।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून लाने की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है तथा शीघ्र ही ‘लव जिहाद’ के विरुद्ध देश का सबसे कठोर कानून महाराष्ट्र में लागू किया जाएगा ।
प्रस्तावित रिंग रोड‘डी.आर्.डी.ओ. जंक्शन’ नासिक से प्रारंभ होकर शहर को घेरते हुए पुनः उसी राजमार्ग से जोडा जाएगा । यह ४ से ६ लेन का मार्ग होगा, जिसमें ५ बडे पुल, २ रेलवे ओवरब्रिज तथा ८ वाहन अंडरपास होंगे ।
दुर्ग (किले) पर्यटन को प्रोत्साहन देने हेतु राज्य के ७८ स्थानों पर आधुनिक सुख-सुविधाओं से युक्त ‘नमो पर्यटन’ सूचना एवं सुविधा केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है ।
सनातन धर्म को नष्ट करने का कथन करने वाली द्रमुक सरकार ने यदि ऐसी कृति की है, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं है । इस वृत्ति को राजनीतिक रूप से समूल नष्ट करने हेतु हिन्दुओं को संगठित होकर प्रयास करने चाहिए !
अपने स्वार्थ के लिए साधु-संतों की छवि धूमिल करने वाले ऐसे लोगों को कठोर दंड मिलना आवश्यक है ! क्या ऐसे लोग कभी भ्रष्ट पादरियों या मौलानाओं का फिल्मांकन कर उनकी छवि धूमिल करते हैं ?
यहां प्रत्येक का आधार कार्ड चेक किया जा रहा है तथा यह भी जांच की जा रही है कि कोई अहिन्दू इस क्षेत्र में व्यवसाय तो नहीं कर रहा है ।
हरिद्वार में गंगा नदी के घाटों पर अहिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध !
वर्ष २०२७ में होने वाले कुंभ पर्व की पृष्ठभूमि में उत्तराखंड सरकार की तैयारियां सावधानीपूर्वक चल रही हैं !