भारत से चल रहे सीमाविवाद में हम ब्रिटेन को मध्यस्थ बनाना नहीं चाहते ! – Balen Shah
वास्तव में देखा जाए, तो नेपाल ने जानबूझकर भारत के साथ सीमाविवाद उत्पन्न किया है । उसे यह झूठा दावा स्वयं ही वापस लेना चाहिए !
वास्तव में देखा जाए, तो नेपाल ने जानबूझकर भारत के साथ सीमाविवाद उत्पन्न किया है । उसे यह झूठा दावा स्वयं ही वापस लेना चाहिए !
नेपाल को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि चीन ने उसकी बात का समर्थन नहीं किया । इससे स्पष्ट होता है कि चीन ने भी इस क्षेत्र पर नेपाल के दावे को स्वीकार नहीं किया है ।
नेपाल ने उत्तराखंड से लगी सीमा पर चीननिर्मित ‘थर्मल कैमरे’ (गर्मी के कारण वस्तुओं से निकलनेवाली इंफ्रारेड किरणों को पहचान कर उनके तापमान को चित्र के रूप में दिखानेवाला कैमरा) लगाना आरंभ किया है ।
लखीमपुर खीरी जनपद (जिले) में निर्धन, अस्वस्थ (बीमार) एवं असहाय हिन्दुओं को चमत्कार का लोभ दिखाकर ईसाई बनाए जाने की बात उजागर हुई है ।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संसद में दावा किया था कि नेपाल ने भारत की भूमि पर अधिकार किया है । साथ ही उन्होंने इस संदर्भ में ब्रिटेन से मध्यस्थता करने का आह्वान किया था ।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह में नेपाल की संसद में यह स्वीकार किया कि नेपाल ने अनेक स्थानों पर भारत की भूमि हडप ली है । उन्होंने भारत द्वारा भी नेपाल के भूभाग पर अतिक्रमण का आरोप लगाकर ‘यह विवाद इतिहासकार, भूमापक एवं विशेषज्ञों की सहायता लेकर सुलझाया जाना चाहिए’, यह भूमिका भी व्यक्त की ।
भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड के पिथौरागढ स्थित लिपुलेख दर्रे से कैलास मानसरोवर यात्रा की घोषणा के उपरांत नेपाल ने इस पर आपत्ति जताई है । नेपाल ने एक बार फिर दावा किया है कि लिपुलेख उसका क्षेत्र है ।
भीख मांगने के लिए अन्य देशों में जानेवाले पाकिस्तानी अब चोरियां भी करने लगे हैं । ऐसे लोगों को फांसी का दंड ही दिया जाए तभी अन्यों को डर होगा ।
नेपाल सरकार ने पिछले दो दशकों में सत्ता में रहे प्रमुख नेताओं तथा वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्ति की जांच के लिए एक आयोग गठित करने की घोषणा की है । बढते भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच यह निर्णय लिया गया है ।
एक निश्चित अवधि के लिए पास भी दिया जाएगा । इस आधार पर केवल मुख्यालय क्षेत्र तक ही घूमने की अनुमति दी जाएगी, तथा प्रवेश करते समय सीमा शुल्क का भुगतान करना भी अनिवार्य होगा ।