संपादकीय : ‘ममता’ का द्वेष !
राष्ट्रद्वेषी ममता बनर्जी के कारण बंगाल का बांग्लादेश की दिशा में मार्गक्रमण रोकने हेतु केंद्र सरकार एवं भारतवासी सक्रिय हों !
राष्ट्रद्वेषी ममता बनर्जी के कारण बंगाल का बांग्लादेश की दिशा में मार्गक्रमण रोकने हेतु केंद्र सरकार एवं भारतवासी सक्रिय हों !
केजरीवाल सत्ता के स्वार्थ में अभी भी मुख्यमंत्रीपद त्याग नहीं रहे हैं, यह बात लज्जाजनक है । देहली की जनता को अब केजरीवाल पर मुख्यमंत्रीपद का त्यागपत्र देने के लिए दबाव लाना चाहिए !
अब सरकार को तुरंत ‘एनआरसी’ (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) लागू करना चाहिए तथा घुसपैठियों को बाहर निकालने का अभियान चलाना चाहिए !
भाजपा की ओर से तृणमूल कांग्रेस पर आरोप
यह आग सुलग रही है तथा उसे नियंत्रित करने के लिए वन विभाग के कर्मचारी, अग्निशमन दल, पुलिस एवं सैनिक भी प्रयास कर रहे हैं । वायुदल के ‘एम.आई.-१७’ हेलिकौप्टर्स द्वारा पानी का छिडकाव भी किया जा रहा है ।
इस व्यवसाय की आपराधिक पृष्ठभूमि की गंभीर प्रकृति को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग को भिखारियों के पीछे कार्यरत आपराधिक टोलियों को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, ऐसी मांग लोगों द्वारा की जा रही है।
चीन २०२० में गलवान में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद से तिब्बती सीमा पर आक्रामक तरीके से बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है।
ज्ञानवापी में सर्वेक्षण का निर्णय घोषित करनेवाले न्यायमूर्ति रवि कुमार दिवाकर को विदेश से धमकी के दूरध्वनि आ रहे हैं । न्यायमूर्ति ने कहा, ‘पिछले २० से २४ दिनों में मुझे १४० ‘कोड नंबर’ से अनेक बार धमकी के दूरध्वनि आए हैं ।
यह बंगाल की तृणमूल कांग्रेस के लिए लज्जास्पद ! लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा होने वाला चुनाव ही करने जैसी स्थिति नहीं, ऐसे उच्च न्यायालय को लगता है, इससे राज्य की कानून और व्यवस्था की स्थिति ध्यान में आती है ।