संपादकीय : ‘ममता’ का द्वेष !

राष्ट्रद्वेषी ममता बनर्जी के कारण बंगाल का बांग्लादेश की दिशा में मार्गक्रमण रोकने हेतु केंद्र सरकार एवं भारतवासी सक्रिय हों !

Kejriwal Lust For Power : केजरीवाल के कारागृह में जाने के कारण छात्रों की शिक्षा पर प्रभाव नहीं पडना चाहिए !

केजरीवाल सत्ता के स्वार्थ में अभी भी मुख्यमंत्रीपद त्याग नहीं रहे हैं, यह बात लज्जाजनक है । देहली की जनता को अब केजरीवाल पर मुख्यमंत्रीपद का त्यागपत्र देने के लिए दबाव लाना चाहिए !

Rohingya Gang-Raped Tribal Girls: मेघालय में रोहिंग्या घुसपैठिये आदिवासी लड़कियों से कर रहे सामूहिक बलात्कार !

अब सरकार को तुरंत ‘एनआरसी’ (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) लागू करना चाहिए तथा घुसपैठियों को बाहर निकालने का अभियान चलाना चाहिए !

TMC Attack On BJP : बंगाल में ‘जय श्रीराम’ का जयघोष करने पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर आक्रमण : १५ लोग घायल 

भाजपा की ओर से तृणमूल कांग्रेस पर आरोप 

Uttarakhand forest fire : उत्तराखंड के जंगल में लगी आग अभी तक सुलग रही है !

यह आग सुलग रही है तथा उसे नियंत्रित करने के लिए वन विभाग के कर्मचारी, अग्निशमन दल, पुलिस एवं सैनिक भी प्रयास कर रहे हैं । वायुदल के ‘एम.आई.-१७’ हेलिकौप्टर्स द्वारा पानी का छिडकाव भी किया जा रहा है ।

SANATAN PRABHAT EXCLUSIVE : महाराष्ट्र में ८५ प्रतिशत भिखारी भीख मांगने को अपना ‘व्यवसाय’ मानते हैं!

इस व्यवसाय की आपराधिक पृष्ठभूमि की गंभीर प्रकृति को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग को भिखारियों के पीछे कार्यरत आपराधिक टोलियों को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, ऐसी मांग लोगों द्वारा की जा रही है।

China Tibetan Army: चीन तिब्बती युवाओं को सेना में भर्ती करेगा और उन्हें भारत के खिलाफ युद्ध में भेजेगा !

चीन २०२० में गलवान में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद से तिब्बती सीमा पर आक्रामक तरीके से बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है।

Gyanvapi Case : ज्ञानवापी में सर्वेक्षण का निर्णय देनेवाले न्यायमूर्ति को फिर एकबार धमकियां !

ज्ञानवापी में सर्वेक्षण का निर्णय घोषित करनेवाले न्यायमूर्ति रवि कुमार दिवाकर को विदेश से धमकी के दूरध्वनि आ रहे हैं । न्यायमूर्ति ने कहा, ‘पिछले २० से २४ दिनों में मुझे १४० ‘कोड नंबर’ से अनेक बार धमकी के दूरध्वनि आए हैं ।

WB Violance : जहां हिंसा हुई वहां चुनाव न कराएं ! – कोलकाता उच्च न्यायालय

यह बंगाल की तृणमूल कांग्रेस के लिए लज्जास्पद ! लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा होने वाला चुनाव ही करने जैसी स्थिति नहीं, ऐसे उच्च न्यायालय को लगता है, इससे राज्य की कानून और व्यवस्था की स्थिति ध्यान में आती है ।