Uttarakhand forest fire : उत्तराखंड के जंगल में लगी आग अभी तक सुलग रही है !

वायुदल का हेलिकौप्टर्स के माध्यम से आग बुझाने का प्रयास

देहरादून (उत्तराखंड) – पिछले ४ दिनों से उत्तराखंड के नैनिताल के जंगल को लगी आग पर अभी तक नियंत्रण मिलने में सफलता प्राप्त नहीं हुई है । यह आग सुलग रही है तथा उसे नियंत्रित करने के लिए वन विभाग के कर्मचारी, अग्निशमन दल, पुलिस एवं सैनिक भी प्रयास कर रहे हैं । वायुदल के ‘एम.आई.-१७’ हेलिकौप्टर्स द्वारा पानी का छिडकाव भी किया जा रहा है ।

(सौजन्य : The Economic Times) 

इससे पूर्व भी वर्ष २०१९ एवं २०२१ में आग लगने पर ‘एम.आई.-१७’ हेलिकौप्टर्स का प्रयोग आग पर नियंत्रण पाने के लिए किया गया था । आग के धुएं के कारण आसपास के लोगों को सांस लेने में कष्ट हो रहे है । राज्य के मुख्यमंत्री पुष्करसिंह धामी ने जंगल में लगी आग के विषय में प्रशासन को सूचनाएं दी हैं ।

१. गढवाल विभाग के चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पौरी एवं टेहरी, देहरादून के जंगल की आग निरंतर अनियंत्रित हो रही है । इस क्षेत्र में अधिकांश पाइन वृक्ष हैं । इस कारण उष्णता से आग तेजी से फैल रही है । अनेक स्थानों पर आग बुझाने के लिए पानी नहीं मिल रहा ।

२. कुमाऊं क्षेत्र के नैनिताल, बागेश्‍वर, अल्मोडा एवं पिथौरागढ के क्षेत्रों में जंगलों को आग लगकर वे सुलग रहे हैं । इसके साथ ही वन्य प्राणी भी ग्रामीण क्षेत्रों की ओर भाग रहे हैं ।

३. इस वर्ष पूरे उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने की ५७५ घटनाओं का पंजीकरण किया गया है; इन में लगभग ६९० हेक्टर जंगल जलकर राख हो गए हैं । इस कारण लगभग १४ करोड ४१ लाख रुपए की हानि का अंदाज है ।

आग लगानेवाले ३ लोगों को बंदी बनाया !

रुद्रप्रयाग के जंगल में आग लगाते समय पुलिस ने ३ लोगों को बंदी बनाया हैं । नरेश भट्ट, हेमंत सिंह एवं भगवती लाल यह बंदी बनाए गए लोगों के नाम है । अब तक आगजनी के प्रकरणों में कुल १९ अपराध प्रविष्ट किए गए है तथा उनमें से १६ प्रकरणों की जांच चल रही है ।