शिवसेना विधायिका डॉ. मनीषा कायंदे की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से मांग ।
(‘स्टैंडअप कॉमेडी’ अर्थात ‘एकल व्यक्तिरेखा द्वारा प्रस्तुत किया जानेवाला व्यंगात्मक कार्यक्रम’)

मुंबई – कला के नाम पर अश्लील एवं अनैतिक संवादों से युक्त ‘स्टैंडअप कॉमेडी’ के कार्यंक्रम करनेवाला प्रणित मोरे तथा अन्य लोगों पर अपराध पंजीकृत किए जाएं, साथ ही ऐसे कार्यक्रमों को ‘सेंसर बोर्ड’ की कार्यकक्षा में लाया जाए, ऐसी मांग शिवसेना की विधानपरिषद की मुख्य सचेतक (संबंधित राजनीतिक दल का विधानमंडल में कार्यरत उत्तरदायी व्यक्ति) तथा प्रवक्ता डॉ. मनीषा कायंदे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर की है । विधायिका डॉ. मनीषा कायंदे ने इस पत्र की एक प्रति राज्य के सांस्कृतिक कार्यमंत्री आशीष शेलार को भी भेजी है ।

इस पत्र में डॉ. मनीषा कायंदे ने लिखा है कि …
१. कुछ दिन पूर्व प्रणित मोरे द्वारा उसके कार्यक्रम में बोले गए अश्लील संवाद एवं अपमानजनक वक्तव्य सामाजिक माध्यमों में प्रसारित हुए हैं । इन वक्तव्यों के कारण विभिन्न सरकारी, साथ ही निजी चिकित्सकीय महाविद्यालयों में देहदान करनेवाले अथवा अंगदान करनेवालों के मन पर अनिष्ट परिणाम हो सकता है । इन वक्तव्यों का अंगदान अभियान पर भी अत्यंत नकारात्मक परिणाम हो सकता है ।
२. सामाजिक माध्यमों पर प्रभाव डालनेवाले मनोरंजन एवं कला के नाम पर ‘स्टैंडअप कॉमेडी’ के द्वारा समाज में अश्लीलता को बढावा दे रहे हैं । एकनाथ शिंदे जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, उस समय उनके विषय में भी ‘स्टैंडअप कॉमेडी’ में आपत्तिजनक वक्तव्य दिए गए थे ।
३. पुलिस प्रशासन ने यह कार्यक्रम प्रस्तुत करनेवाले प्रणित मोरे तथा उस कार्यक्रम में सहभागी डॉ.सेजल पवार पर अपराध पंजीकृत किया है, परंतु इस प्रकार से बार-बार होनेवाली घटनाओं पर स्थाई रूप से रोक लगाने हेतु कठोर कार्यवाही की नितांत आवश्यकता है ।’’
क्या है यह प्रकरण ?
प्रणित मोरे के एकल व्यंगात्मक कार्यक्रम में मुंबई के ‘केईएम्’ चिकित्सालय में चिकित्सकीय शिक्षा ले रही डॉ. सेजल पवार ने चिकित्सालय में देहदान के द्वारा आनेवाले पुरुषों के शवों के निजी अंगों के विषय में अश्लील एवं आपत्तिजनक टिप्पणी की थी तथा प्रणित मोरे ने उसकी इस टिप्पणी का हंसकर प्रत्युत्तर किया था । इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी हंसकर इसका प्रत्युत्तर किया । जब यह दृश्य सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित हुआ, तब सभी स्तरों से उसकी कटु आलोचना की गई । इस घटना की गंभीरता को ध्यान में लेकर चिकित्सालय प्रशासन ने डॉ. सेजल पवार को अनिवार्य छुट्टी पर भेजा है ।
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