अमेरिका की ओर से अफगानिस्तान को ४ सहस्र ७१४ करोड़ रुपए की सहायता की घोषणा

अमेरिका की गांधीगीरी ! यह सांप को दूध पिलाने समान है ! मानवता के नाम के नीचे दी जाने वाली यह रकम गरीब अफगानी नागरिकों को मिलेगी या तालिबानी आतंकवादी इसे स्वयं के लिए खर्च करेंगे, इस पर कौन और कैसे ध्यान रखेगा ? इसके पहले अमेरिका ने इस प्रकार की सहायता पाक को की थी और पाक द्वारा इसे जिहादी आतंकवादियों पर खर्च करने का इतिहास है !

चीन तालिबान को सहायता के तौर पर २२८ करोड रुपये देगा !

लोकतंत्र के विरोध में जाकर सत्ता स्थापित करने वाले तालिबान को चीन द्वारा सहायता करने से लोकतंत्र को पुरस्कृत करने वाले पश्चिमी देश अब चीन के विरोध में ठोस भूमिका निभाएंगे क्या ?

चीन और तालिबान के बीच संबंध बहुत अच्छे नहीं हैं, तथापि वे कोई मार्ग निकालने का प्रयत्न कर रहे हैं ! – जो बायडेन

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने कहा, “अब तालिबान से कैसे निपटना चाहिए ?, यह सभी देश विचार कर रहे हैं ।

तालिबान ने सरकार गठन समारोह में भाग लेने के लिए रूस, चीन, पाकिस्तान, ईरान, कतर एवं तुर्कस्तान को आमंत्रित किया !

इन देशों ने इसके पूर्व ही तालिबान से संपर्क स्थापित किया है । रूस, चीन, पाकिस्तान एवं तुर्कस्तान ने अफगानिस्तान में स्थित अपने दूतावास बंद नहीं किए हैं ।

चीन ने १८ वर्ष से कम आयु वाले बच्चों के ऑनलाइन खेलने पर लगाया समय का प्रतिबंध !

चीन जो करता है, वह भारत क्यों नही करता ? चीन के समान भारत को भी ऐसा ही निर्णय लेना आवश्यक !

कोरोना पर काबू पाने के उपरांत भी वर्ष भर बने रहते हैं उसके लक्षण ! – शोध का निष्कर्ष

अध्ययन के अनुसार, चिकित्सालय में भर्ती किए गए कोरोना रोगियों में ४९ प्रतिशत रोगियों में लगभग एक वर्ष तक कोरोना के लक्षण देखे गए । यह मेडिकल जर्नल, “द लैंसेट” की प्रकाशित नवीन प्रतिवेदन के निष्कर्ष में कहा गया है ।

अफगानिस्तान के शरणार्थी, उइगर मुसलमान भय की छाया में !

चीनी दबाव के कारण तालिबानी आतंकवादी उइगर मुसलमानों को चीन की हिरासत में देने की संभावना !

विश्व के ६० देशों ने अफगानिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता रोक दी  !

दूसरी ओर, अफगानिस्तान की सहायता करने की भूमिका चीन ने प्रस्तुत की है । तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर नियंत्रण करने के पश्चात अमेरिका के बैंकों में होने वाले अफगान सरकार के खाते बंद कर दिए गए हैं ।

१९६४ से १९९६, इस कालावधि में चीन के परमाणु परीक्षणों से निकले विकिरण से १ लाख ९४ सहस्र लोगों की मृत्यु !

चीन भले ही अपने शत्रुओं का विनाश करने के लिए परमाणु बम बना रहा है ; परंतु, उसके कारण उसके ही देश में लाखों लोग मर रहे हैं । क्या चीन इससे कुछ सबक लेगा ?