मधुबनी (बिहार) की मस्जिद से मौलाना इजहार को बंदी बनाया गया ।

  • भोपाल के ‘कट्टरपंथी मॉड्यूल’ प्रकरण में यह छठे व्यक्ति को बंदी बनाया गया है।

  • पाकिस्तान के लिए ‘स्लीपर सेल’ तैयार करने का आरोप ।

(स्लीपर सेल अर्थात गुप्त पद्धति से आतंकियों की सहायता करनेवाले धर्मांध मुसलमानों के स्थानीय गुट)

(मॉड्यूल अर्थात आतंकी कृत्यों की योजना बनाने तथा उसके कार्य के लिए बनाया गया समूह)

(मौलाना अर्थात इस्लाम का अध्येता)

प्रतिकात्मक चित्र

मधुबनी (बिहार) – यहां के मदरसा के निदेशक ५० वर्षीय मौलाना इजहार-उल-हक को बंदी बनाया गया है । इजहार पाकिस्तानी दलाल होने की बात कही जा रही है । वह बिहार में ‘स्लीपर सेल’ तैयार कर रहा था । बिहार के आतंकवाद विरोधी दल ने ५ राज्यों से समाने आए ‘कट्टरपंथी मॉड्यूल’के अंतर्गत उसे बंदी बनाया ।

१. मधुबनी जिले के पंडौल पुलिस थाने की कार्यकक्षा में किराए के घर में रनेवाला इजहार मदरसा चला रहा था । उसके चल-दूरभाष में अनेक भडकाऊ वीडियो भी मिले हैं । इसमें भारत में शरिया कानून लागू करने से संबंधित वीडियो भी अंतर्भूत हैं । वह ‘कट्टरपंथी मॉड्यूल’की आर्थिक सहायता करने का काम देखता था । (ऐसे मदरसे में किसप्रकार की शिक्षा दी जाती होगी, इसे अलग से बताने की आवश्यकता नहीं है । सरकार को ऐसे मदरसों पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए – संपादक)

२. भोपाल की काजी छावनी से पकडे गए आतंकी मोहम्मद फराज उपाख्य खालिद से की गई पूछताछ के बाद इजहार को दबोचा गया ।

३. इससे पूर्व उत्तरप्रदेश के सहारनपुर से नईम अब्दुल्ला, राजस्थान के अलवर से शाकिर मेव तथा मध्यप्रदेश के धार जिले से हाजी अजहर को बंदी बनाया गया था । उसके उपरांत हरियाणा के नूंह से शाकिर को इसी ‘मॉड्यूल’के अंतर्गत पकडा गया था ।

संपादकीय भूमिका

  • इन आतंकियों के विरुद्ध देशद्रोह का अपराध पंजीकृत कर उन्हें मृत्युदंड ही दिया जाना चाहिए ।
  • किसी आपराधिक प्रकरण में हिन्दुओं के किसी साधु अथवा संत को बंदी बनाया गया, तो प्रसारमाध्यम एक सुर में हिन्दू संतों एवं हिन्दू धर्म में कीचड उछालते हुए नहीं थकते, परंतु इस प्रकरण में मौलाना को बंदी बनाए जाने से सर्वत्र भयानक शांति फैल गई है ।