अमृतसर (पंजाब) – पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को अकाल तख्त द्वारा ‘गुरु-द्रोही’ (गुरुओं के विरोधी) एवं ‘खालसा पंथ-विरोधी’ घोषित कर दिया गया है । अकाल तख्त सिख धर्म का सर्वोच्च धार्मिक एवं सर्वोच्च पीठ है । अकाल तख्त ने राज्य के सभी सिख विधायकों एवं पंजाब सरकार के मंत्रीमंडल को एक धर्म-निंदा संबंधी प्रकरण के संदर्भ में २९ जून को अकाल तख्त के समक्ष उपस्थित रहने हेतु अज्ञापत्र प्रकाशित किया है । अमृतसर में ‘पाच सिंह साहिबान’ (सिख धर्मगुरु) की बैठक के उपरांत अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ञ ने ‘फसील’ (अकाल तख्त के व्यास पीठ) से यह आदेश सुनाया ।
प्रकरण क्या है ?
अकाल तख्त के अनुसार एक लघु चलचित्र में मुख्यमंत्री मान को सिख गुरुओं की पवित्र छवियों पर मद्य छिडकते हुए दिखाया गया है । इसे सिख धार्मिक भावनाओं का अपमान माना गया । मुख्यमंत्री मान ने कहा है कि यह लघु चलचित्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) का उपयोग कर बनवाया गया है । अकाल तख्त ने उन से इस कथन का प्रमाण मांगा; परंतु उन्होंने आवश्यक जानकारी या प्रयोगशालाओं के नाम प्रदान नहीं किए, ऐसा अकाल तख्त का कहना है ।
अकाल तख्त ने सूचित किया कि भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त दो प्रयोगशालाओं की जांच में यह निष्कर्ष निकला कि लघु चलचित्र बनावटी या ए.आई. निर्मित नहीं है । इसके उपरांत निष्कर्ष निकाला गया कि मान ने अकाल तख्त के समक्ष त्रुटिपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की ।

वर्ष २०२२-२३ में मुंबई के ४ सहस्र ६३ वृक्ष कंक्रीटीकरण (काँक्रिटीकरण) से मुक्त, परंतु अभी भी वे प्रकार निरंतर जारी
काशी, मथुरा तथा संभल के मंदिर-मस्जिद विवाद में सर्वोच्च न्यायालय के मध्यस्थता प्रस्ताव को दोनों पक्षों ने ठुकराया
Ram Mandir Donation Theft : श्रीराम मंदिर दान चोरी प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय का केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस
लोकल रेलगाडी में वातानुकूलन यंत्र १५ मिनट तक बंद रहा यात्रियों का दम घुटा तथा अनेक महिलाएं अचेत हुईं
Sri Mahakaleshwar Temple : मंदिर के पास ४७२ करोड रुपये की सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) तथा ३०० करोड रुपये मूल्य का स्वर्ण-रजत !
हिन्दुओं का धर्मांतरण करानेवाले पुलिस उपनिरीक्षक के ईसाई पिता को बंदी बनाया !