शामली (उत्तरप्रदेश) में हिन्दू युवक के इस्लाम में बलपूर्वक धर्मांतरण का प्रकरण ।

शामली (उत्तरप्रदेश) – यहां आयुष मलिक नामक हिन्दु युवक के इस्लाम में बलपूर्वक धर्मांतरण के प्रकरण में पुलिस ने तौफीक (भोला) नामक भागे हुए आरोपी को हाल ही में बंदी बनाया है । आयुष मलिक के धर्मांतरण एवं निकाह (इस्लामी पद्धति से विवाह) करवाने के षडयंत्र में सहभागी होने का आरोप तौफीक पर है । पुलिस ने आरोपी के नियंत्रण से एक ‘निकाहनामा’ (विवाह करार) भी पकडा गया है । इस प्रकरण की जांच में शामली के एक प्रसिद्ध मुसलमान डॉक्टर तथा कुछ मौलवियों (इस्लाम के धार्मिक नेता) की भूमिका की भी जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही है ।
१. पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पकडा गया आरोपी तौफीक शामली का निवासी है । उसके विरुद्ध पहले से ही कई अपराध प्रविष्ट हैं वह इन प्रकरणों में पुलिस को वांछित था ।
२. इससे पहले मुख्य आरोपी व्यायाम प्रशिक्षक (‘जिम ट्रेनर’) चांदनी कुरेशी तथा उसके पिता इस्लाम कुरेशी को ७ जून २०२६ को बंदी बना कर जेल भेज दिया गया था ।
३. शामली के मुसलमान डॉक्टर के साथ नमाज पढते हुए आयुष मलिक के चित्र प्रसारित हुए थे । इसी दिशा में पुलिस जांच कर रही है ।
४. दिल्ली तथा मुंबई के कुछ मौलवियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है, ऐसा पुलिस ने बताया है ।
५. आयुष मलिक के पिता तथा औषधि व्यापारी तथा ‘केमिस्ट्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष देवराज मलिक ने आरोप लगाया है कि, उनके बेटे आयुष मलिक ने वर्ष २०१८ में ‘कुरेशी प्लस’ नामक आधुनिक व्यायामशाला में जाना शुरू किया था । उनका दावा है कि वहां की प्रशिक्षक चांदनी कुरेशी, उसका परिवार और कुछ मौलवियों ने धीरे-धीरे उसका बुद्धिभ्रम किया ।
६. आयुष मलिक ने बुद्धिभ्रम एवं धमकी के संबंध में पिता द्वारा लगाए गए आरोपों को नकार दिया है । ‘मैंने प्रसिद्ध पाकिस्तानी इस्लामी विद्वान डॉ. इसरार अहमद के वीडियो देखे, जिससे मेरे मन में इस्लाम के प्रति रुचि उत्पन्न हुई’, ऐसा आयुष ने बताया ।
७. शामली के पुलिस अधीक्षक एन्.पी. सिंह ने बताया कि इस पूरे प्रकरण के सभी पहलुओं से जांच की जा रही है । वर्तमान में पुलिस इस समूह से संबंधित अन्य आरोपियों को ढूंढ रही है ।
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