छोटे शिशुओं को गोमांस भक्षण का परामर्श देने वालों पर अपराध पंजीकृत करें ! – विश्व हिन्दू परिषद

  • वाशी महानगरपालिका चिकित्सालय का प्रकरण !

  • धर्मप्रेमियों द्वारा आरक्षकों (पुलिस) को ज्ञापन

आरक्षकों (पुलिस) को ज्ञापन देते हुए धर्मप्रेमी

नवी मुंबई – यहां के महानगरपालिका चिकित्सालय में ९ से ११ मास के शिशुओं को गोमांस भक्षण का परामर्श देने वाले भित्तिपत्रक लगाने वालों पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का अपराध पंजीकृत किया जाए, ऐसी मांग विश्व हिन्दू परिषद ने की है । इस प्रकरण में उन्होंने वाशी आरक्षी केंद्र (पुलिस थाने) में ज्ञापन प्रस्तुत किया है । इस विषय के भित्तिपत्रक विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने फाड दिए ।

ज्ञापन में कहा गया है कि,

१. १४ जून को कार्यकर्ता रोहित खंडागळे महानगरपालिका के वाशी स्थित चिकित्सालय में गए थे । इस समय उन्हें चिकित्सालय की भित्ति (दीवार) पर ‘भारतीय बालरोग अकादमी (IAP)- IYCF विभाग’ के नाम से ‘आयु ९ से ११ मास पूरक आहार मार्गदर्शक’ इस शीर्षक के अंतर्गत भित्तिपत्रक लगा हुआ दिखा ।

महानगरपालिका चिकित्सालय के भित्तिपत्रक में गोमांस भक्षण के विषय में लेख

२. उसमें बारीक कटा हुआ मांस (चिकन, मटन, गोमांस) ऐसा स्पष्ट उल्लेख किया गया था । हिन्दू धर्म में गौ पवित्र मानी जाती है । इस कारण गोमांस का भक्षण करना हिन्दू धर्म के विरोध में है । शिशु को गोमांस खिलाने का परामर्श देना, यह अत्यंत निंदनीय है तथा करोड़ों हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है । सार्वजनिक स्थान पर ऐसा भित्तिपत्रक लगाना यह जानबूझकर धार्मिक भावनाएं उत्तेजित करने का प्रयास प्रतीत होता है ।

३. इस प्रकरण में भारतीय बालरोग अकादमी तथा भित्तिपत्रक लगाने वाले संबंधितों पर अपराध पंजीकृत कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए, साथ ही इस निंदनीय भित्तिपत्रक को तत्काल हटाने के आदेश दिए जाएं ।

संपादकीय भूमिका

  • गोप्रेमियों के राज्य में इस प्रकार का परामर्श दिया जाता है, यही संतापजनक है ! क्या अन्य धर्मियों की धर्मभावनाओं से संबंधित इस प्रकार का परामर्श देने का दुस्साहस संबंधितों ने किया होता ?
  • इस प्रकार ज्ञापन देने तथा मांग करने का अवसर ही क्यों आता है ? राज्य में गोवंश हत्या प्रतिबंधक विधि (कानून) होते हुए भी ऐसा होना दुर्भाग्यपूर्ण है !