कोलकाता में प्रधानमंत्री मोदी के २१ जून के कार्यक्रम पर मुसलमानों द्वारा आलोचना l

कोलकाता (बंगाल) – आगामी २१ जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता के रेड रोड पर होने वाले कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले हैं । प्रधानमंत्री मोदी के साथ अनुमानतः ३० सहस्र (हजार) लोग योग करेंगे । इस कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रशासन ने रेड रोड सहित नगर के ७ प्रमुख मार्ग आधी रात से कार्यक्रम समाप्त होने तक बंद रखने का निर्णय लिया है । इसका मुसलमानों द्वारा विरोध किया जा रहा है ।
बंगाल के जलपाईगुडी मस्जिद के इमाम हाफिज मोहम्मद नईमुद्दीन गाजी ने कहा, ‘‘मैं भारतीय नागरिक हूं तथा संविधान का अनुच्छेद १५ सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है । यदि यातायात की समस्या बताकर मार्ग पर नमाजपठण करना बंद किया गया है, तो रेड रोड पर योग दिन के कार्यक्रम की अनुमति कैसे दी गई ? यदि मार्ग बंद करने से लोगों को कष्ट होता है, तो यह नियम सभी के लिए समान होना चाहिए ।’’
"Public namaz gatherings have frequently caused significant traffic delays on Kolkata's roads, including Red Road, for years."
Minister Dilip Ghosh hits out at critics questioning road closures for the PM's security in Kolkata.
He emphasised that security cannot be compromised,… pic.twitter.com/IDQxVbjyDa
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) June 16, 2026
(और इनकी सुनिए…) ‘विधि (कानून) एवं नियम सभी धर्मों के लिए समान होने चाहिए !’
खातिम मोहम्मद ने भी प्रशासन के निर्णय पर प्रश्नचिह्न उपस्थित किया । उन्होंने कहा कि मुसलमान समाज ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए रेड रोड पर नमाजपठण नहीं किया; (अर्थात वे प्रशासन तथा जनता पर उपकार नहीं कर रहे हैं, यह उन्हें बताना चाहिए ! – संपादक) परंतु अब योग दिन के लिए उसी स्थान पर बडे आयोजन की अनुमति दी जा रही है । विधि तथा नियम सभी धर्मों के लिए समान होने चाहिए । (देश में समान नागरिक संहिता का विरोध करने वाले समान नियमों की मांग करते हैं, यह एक विनोद ही है ! – संपादक)
प्रधानमंत्री का कार्यक्रम यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है ! – मंत्री दिलीप घोष
भाजपा के नेता तथा बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि अनेक वर्षों तक रेड रोड सहित कोलकाता के कई मार्गों पर नमाजपठण के कारण बहुत समय तक यातायात प्रभावित (जाम) होता था । प्रधानमंत्री का कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है । प्रधानमंत्री की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की शिथिलता सहन नहीं की जाएगी; इसीलिए कुछ मार्ग कुछ घंटों के लिए बंद करना आवश्यक है । इससे पूर्व अनेक मस्जिदें उपलब्ध होने पर भी कई वर्षों तक रेड रोड पर नमाजपठण किया जाता था । परंतु आज प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर प्रश्न उपस्थित किए जा रहे हैं । प्रधानमंत्री का कार्यक्रम ऐसे स्थान पर होना चाहिए जहां लोगों का आना-जाना तुलनात्मक रूप से अल्प (कम) हो । यदि यह आयोजन किसी मैदान पर भी होता, तो भी सुरक्षा के कारणों से आस-पास का परिसर बंद करना पडता । जो कुछ भी हो रहा है, वह जनहित में है तथा प्रत्येक व्यक्ति को विधि की मर्यादा में रहना सीखना चाहिए ।
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