ब्रह्मगांव (जिला बीड) में मांस के टुकडे रखकर श्री मारुति मंदिर का अपवित्रीकरण !
हिन्दुओं के मंदिर में मांस के टुकडे फेंककर अपवित्रीकरण करने वालों को अब मृत्युदंड (फांसी) का ही दंड देना आवश्यक हो गया है !
हिन्दुओं के मंदिर में मांस के टुकडे फेंककर अपवित्रीकरण करने वालों को अब मृत्युदंड (फांसी) का ही दंड देना आवश्यक हो गया है !
पाकिस्तान जैसी शासन व्यवस्थावाली कांग्रेस शासित कर्नाटक में इसके अतिरिक्त और क्या हो सकता है ? अंतर केवल इतना है कि पाकिस्तान में पुलिस भी मुसलमान है, इसलिए वहां उन पर पथराव नहीं होता; एवं कर्नाटक मे कानून-व्यवस्था से कुछ भी लेना-देना न रखनेवाले मुसलमान, बहुसंख्यक हिन्दू पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर देते हैं ।
‘महाराष्ट्र देवस्थान इनाम निर्मूलन प्रारूप अधिनियम’ के विरोध में राज्य के सहस्रों मंदिर हुए एकत्रित !
हिन्दू मंदिरों की भूमि अधिगृहीत करने की शासकीय नीति के विरोध में तीव्र असंतोष !
छत्रपति शिवाजी महाराज एवं राजमाता अहिल्यादेवी होळकर ने मंदिरों की रक्षा की, साथ ही विदेशी आक्रांताओं द्वारा ध्वस्त किए मंदिरों का जीर्णाेद्धार भी किया । इससे मंदिरों का महत्त्व ध्यान में आता है; परंतु भारत द्वारा ‘सेक्युलर’ तंत्र अपनाए जाने के कारण मंदिरों पर नई-नई पद्धतियों से आघात हो रहे हैं ।
गोवा के अधिकांश मंदिर अन्य राज्यों के मंदिरों की तुलना में अत्यंत प्रशस्त एवं स्वच्छ हैं । गोवा के जो कुछ प्रसिद्ध देवस्थान हैं, उनका इतिहास भी रोमांचकारी है । पुर्तगालियों ने गोवा पर ४५० वर्ष राज्य किया । पुर्तगालियों का जब गोवा में प्रभाव जमना आरंभ हुआ, तब सर्वप्रथम उन्होंने हिन्दुओं के मंदिरों को तोडना प्रारंभ किया ।
पुलिस ने जिले के एक कबाड गोदाम पर छापा मारकर मंदिरों में चोरी करनेवाले एक बडे गिरोह का भंडाफोड किया है । इस गिरोह में हमीद अली एवं उसका बेटा अझहर उद्दीन प्रमुख बताए जा रहे हैं ।
कांग्रेस शासित राज्य में इसके अतिरिक्त अन्य क्या होगा ?
क्या तेलंगाना प्रशासन विद्यालय के लिए मस्जिद अथवा चर्च तोडने का साहस दिखाता?
श्री महाविष्णु मंदिर के उत्सव में एक भजनी मंडल द्वारा ईसाई भक्तिगीत गाने से अब बडा विवाद उत्पन्न हो गया है । हिन्दू संगठनों एवं प्रमुख नेताओं ने इस घटना का तीव्र विरोध किया है ।
हाल ही में हुई एक जांच में यहां के श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को दान में प्राप्त चांदी का बडा भाग असली नहीं पाया गया, अपितु उसमें सस्ते धातुओं के साथ विषैले कैडमियम की मिलावट सामने आई है ।
लव्हेज ग्राम के समीप स्थित वेताळ मूर्ति देवस्थान को एक ठेकेदार ने जेसीबी की सहायता से हटा दिया । इस प्रकरण में ग्रामीणों ने आक्रामक होते हुए खोपोली नगर परिषद के कार्यालय पर मोर्चा निकाला ।