Shiv Temple Demolished : भाग्यनगर (तेलंगाना) में विद्यालय के लिए ८०० वर्ष पुराना शिव मंदिर ध्वस्त किया गया l

ध्वस्त शिव मंदिर

वारंगल — वारंगल जिले में शासकीय विद्यालय निर्माण करने के लिए ८०० वर्ष पुराने काकतीय काल का शिव मंदिर तोड दिया गया । खानापुर स्थित अशोकनगर में स्थित यह मंदिर १३ वीं शताब्दी के काकतीय राजा गणपतिदेव के शासनकाल का था । इस मंदिर में लगे शिलालेख में राजा को “महाराज” एवं “राजाधिराजुलु” संबोधन करनेवाली दुर्लभ ७ तेलुगु पंक्तियां थीं । वर्ष १९६५ में धरोहर विभाग ने इस मंदिर का पंजीकरण किया था । यह मंदिर प्राचीन किलों के लिए प्रसिद्ध ऐतिहासिक “कोटा कट्टा” नामक मिट्टी के किले के परिसर में स्थित था । पुरातत्वविदों का कहना है कि “इस धरोहर स्थल का सहजता से संरक्षण किया जा सकता था अथवा इसे स्थानांतरित भी किया जा सकता था ।”

मंदिर तोडे जाने पर परिवाद प्रविष्ट

मंदिर तोडे जाने के प्रकरण में तेलंगाना के अधिवक्ता रामराव इम्मनेनी ने राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण में परिवाद प्रविष्ट कराई है । इस संदर्भ में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय एवं पुरातत्व विभाग ने प्रकरण प्रविष्ट किया है । परिवाद में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार अनिवार्य धरोहर संरक्षण समिति गठित करने में विफल रही । अधिकारियों ने कहा कि पुरातत्व एवं धर्मादाय विभाग से अनुमति लेना आवश्यक था, किन्तु वह न लेने के कारण मंदिर तोडनेवालों के विरुद्ध तेलंगाना धरोहर अधिनियम की धारा ३० के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।

कांग्रेस विधायक की घटनास्थल पर यात्रा

जिला प्रशासन ने मंदिर को निश्चय पूर्वक नष्ट किए जाने के आरोपों को निरस्त कर दिया है । अधिकारियों का कथन है कि “३० एकड क्षेत्र में घनी झाडियां निकालते समय केवल पुराने जर्जर अवशेष मिले । यह आधिकारिक रूप से संरक्षित स्मारक के रूप में पंजीकृत नहीं है ।” मंदिर तोडे जाने को लेकर सार्वजनिक स्तर पर तीव्र विरोध व्यक्त किया जा रहा है । जनता के बढते आक्रोश को देखते हुए वारंगल के जिलाधिकारी डॉ. सत्य शारदा एवं नरसंपेट के विधायक दोंती माधव रेड्डी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया एवं उसी स्थान पर मंदिर का पूर्ण पुनर्निर्माण कराने का आश्वासन दिया । इस संबंध में इतिहासकारों, पारंपरिक वास्तुशास्त्रियों एवं पुरातत्व विभाग से परामर्श लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी, ऐसा आश्वासन दिया गया है ।

संपादकीय भूमिका

  • कांग्रेस शासित राज्य में इसके अतिरिक्त अन्य क्या होगा ?
  • क्या तेलंगाना प्रशासन विद्यालय के लिए मस्जिद अथवा चर्च तोडने का साहस दिखाता?