भटकल (कर्नाटक) में हिन्दुओं द्वारा पुनर्निर्मित ‘मूरीनकट्टे’ को मुसलमानों ने तोडा !

पुलिस पर पथराव किया

(मूरीनकट्टे अर्थात देवता के प्रसाद / शिदोरी को रखने के लिए बनाया जानेवाला छोटा मंदिर)

भटकल (कर्नाटक) – यहां ‘हिन्दू जागरण वेदिके’ के कार्यकर्ताओं द्वारा 24 मई की रात वेंकटापुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पुनर्निर्मित मूरीनकट्टे को रात में वहां एकत्र हुए मुस्लिम युवकों ने तोड दिया । इससे क्षेत्र में तनावपूर्ण वातावरण बन गया है ।

१. पिछले कई सौ वर्षों से हिन्दुओं की धार्मिक आस्था का प्रतीक, इस स्थान को राजमार्ग निर्माण के लिए हिन्दुओं ने स्वयं खाली कर दिया था । राजमार्ग विभाग ने मूरीनकट्टे को अन्य स्थान पर पुनर्निर्मित करने का आश्वासन दिया था; लेकिन कई बार अनुरोध करने के पश्चात भी मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं किया गया ।

२. अंततः हिन्दू संगठनों के सैंकडों कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे मूरीनकट्टे का निर्माण किया ।

३. मुस्लिम नेताओं ने बिना किसी कारण इसका विरोध किया और इसे हटाने की मांग की । इसके पश्चात रात में सैंकडों मुसलमान एकत्र होकर उसे तोडने पहुंचे । साथ ही कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग भी जाम कर नारेबाजी की गई । इससे हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए । (केवल आक्रोश व्यक्त करने से कोई लाभ नहीं । हिन्दुओं का आक्रोश ऐसा होना चाहिए कि हिन्दू-विरोधी भयभीत हो जाएं । अन्यथा बांग्लादेश-पाकिस्तान में भी हिन्दू मंदिर तोडे जाते हैं और भारत के कर्नाटक में भी ! – संपादक)
४. मंदिर परिसर में ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों पर भी मुस्लिम नेताओं ने हमला किया । इससे भटकल में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई ।

५. मुसलमानों के विरुद्ध पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए हिन्दुत्वनिष्ठ र्यकर्ताओं ने भटकल शहर पुलिस थाने के परिसर में देर रात तक प्रदर्शन किया । भाजपा तथा हिन्दू जागरण वेदिके सहित कई संगठनों ने आंदोलन की तैयारी की है ।

६. उत्तर कन्नड जिले के प्रभारी मंत्री मंकाल वैद्य ने इस प्रकरण में प्रतिक्रिया देते हुए आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है ।

भटकल में ३ दिन के लिए धारा १४४ लागू !

सावधानी के रूप में २७ मई तक पुलिस प्रशासन ने भटकल शहर तथा उससे सटे जाली नगर पंचायत क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी है ।

मूरीनकट्टे तोडने की कार्रवाई ‘अक्षम्य’ ! – भाजपा

भाजपा नेता गोविंद नाइक ने कहा कि मूरीनकट्टे अचानक नहीं बना था । यह पहले से स्थित मंदिर था, जिसका पुनर्निर्माण किया गया था; लेकिन उसे हटाने की कार्रवाई अक्षम्य है । इसके विरोध में तीव्र आंदोलन किया जाएगा, ऐसी चेतावनी भी उन्होंने दी ।

संपादकीय भूमिका

पाकिस्तान जैसी शासन व्यवस्थावाली कांग्रेस शासित कर्नाटक में इसके अतिरिक्त और क्या हो सकता है ? अंतर केवल इतना है कि पाकिस्तान में पुलिस भी मुसलमान है, इसलिए वहां उन पर पथराव नहीं होता; एवं कर्नाटक मे कानून-व्यवस्था से कुछ भी लेना-देना न रखनेवाले मुसलमान, बहुसंख्यक हिन्दू पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर देते हैं ।