ठेकेदार पर कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों की आमरण अनशन की चेतावनी !

खोपोली में वेताळ मूर्ति देवस्थान हटाने का प्रकरण

खोपोली ( जिला रायगढ ) – यहां के लव्हेज ग्राम के समीप स्थित वेताळ मूर्ति देवस्थान को एक ठेकेदार ने जेसीबी की सहायता से हटा दिया । इस प्रकरण में ग्रामीणों ने आक्रामक होते हुए खोपोली नगर परिषद के कार्यालय पर मोर्चा निकाला । ‘संबंधित ठेकेदार का कार्य रोककर उस पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए’, ऐसी मांग का निवेदन नगराध्यक्ष कुलदीपक शेंडे को सौंपा गया । ‘यदि प्रशासन ने इस विषय में तत्काल न्याय नहीं दिया, तो हम आमरण अनशन करेंगे’, ऐसी चेतावनी इस समय ग्रामीणों द्वारा दी गई । ग्राम के निकट एक इस्पात (स्टील) कारखाने की अतिरिक्त भूमि के समतलीकरण का कार्य चल रहा था । उसी के अंतर्गत ठेकेदार ने यह कृत्य किया ।

नागरिकों ने देवस्थान के लिए न्यूनतम २ गुंठा भूमि उपलब्ध कराने की मांग की । ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया कि ठेकेदार ने जल के नैसर्गिक प्रवाह वाले नाले तथा तालाब को बंद कर दिया है । इसके कारण वर्षा ऋतु में बाढ की स्थिति निर्मित होने की संभावना भी व्यक्त की गई है ।

संपादकीय भूमिका 

  • अन्य धर्मावलंबियों के श्रद्धास्थानों को हटाने का ऐसा कृत्य कभी नहीं होता; क्योंकि ‘वैसा होने पर अन्य धर्मीय संगठित होकर क्या कर सकते हैं ?’, इसका भय सभी को होता है; किंतु हिन्दू सहिष्णु होने के कारण उनके श्रद्धास्थानों की निरंतर विडंबना की जाती है !
  • विडंबना के पश्चात हिन्दू जागृत हुए, यह प्रशंसनीय है; परंतु ऐसा प्रकरण पुनः न हो, इसके लिए हिन्दुओं को स्वयं का वर्चस्व निर्मित करना चाहिए !
  • मनमानी करने वाले ठेकेदार पर तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए !