असम में मंदिरों का सामान लूटनेवाले मुसलमानों के गिरोह के अड्डे पर पुलिस का छापा

  • २ मुसलमानों को बंदी बनाया गया

  • पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने का मुसलमान महिलाओं का प्रयास

नगांव (असम) – पुलिस ने जिले के एक कबाड गोदाम पर छापा मारकर मंदिरों में चोरी करनेवाले एक बडे गिरोह का भंडाफोड किया है । इस गिरोह में हमीद अली एवं उसका बेटा अझहर उद्दीन प्रमुख बताए जा रहे हैं । उनके स्वामित्ववाले इस गोदाम से पुलिस ने मंदिरों से लूटी गई पीतल की घंटियां, त्रिशूल, मूर्तियां तथा अन्य कई हिन्दू धार्मिक प्राचीन वस्तुओं से भरे बोरे अधिग्रहित किए हैं । अधिग्रहित किए गए इस सामान की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोडों रुपये बताई जा रही है ।

१. पुलिस द्वारा रंगे हाथ पकडने के उपरांत आरोपी हमीद अली ने “मैं वैध व्यवसाय करता हूं तथा नियमित जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) भरता हूं” कहकर हंगामा करने का प्रयास किया ।

२. पुलिस ने स्पष्ट कहा कि “मंदिरों का अपमान एवं पवित्र वस्तुओं की लूट किसी भी प्रकार से वैध व्यवसाय नहीं हो सकता ।”

३. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह केवल चोरी का सामान नहीं, अपितु मंदिरों को लक्ष्य बनानेवाले एक बडे संगठित अपराध गिरोह का भाग है ।

४. पुलिस को कार्रवाई से रोकने के लिए क्षेत्र की कुछ महिलाओं ने भी रास्ता रोकने एवं बाधाएं उत्पन्न करने का प्रयास किया; तथापि पुलिस ने विरोध की चिंता किए बिना अधिग्रहण की कार्रवाई जारी रखी ।

५. इस प्रकरण में हमीद अली एवं अझहर उद्दीन को बंदी बना लिया गया है तथा इस गिरोह में और किन-किन लोगों की संलिप्तता है, इसकी जांच पुलिस कर रही है ।

६. इस कार्रवाई से क्षेत्र में हलचल मच गई है और मंदिर चोरी के कई अन्य प्रकरणों का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है ।

संपादकीय भूमिका

  • यह उदाहरण दर्शाता है कि भारत में गजनवी की मानसिकतावाले लोग आज भी सक्रिय हैं । ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है !
  • भारत में कट्टरपंथी, दंगाई, आतंकवादी एवं अपराधी मानसिकतावाले मुसलमानों को बचाने के लिए मुसलमान महिलाएं एवं पुरुष सदैव आगे रहते हैं, इसका यह उदाहरण है !