हिन्दुओं को ज्ञानवापी अपने अधिकार में लेना चाहिए ! – तस्लिमा नसरीन

देश के और विदेश के कितने मुसलमान सत्य इतिहास स्वीकार कर ऐसा बताने का साहस कर रहे हैं , ऐसा विचार किया, तो ‘एक भी नहीं’, ऐसा ही उत्तर मिलता है । इसका अर्थ यह है कि धर्मनिरपेक्षता और अन्य धर्मों का आदर केवल हिन्दुओं को करना चाहिए और अन्य हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों पर आघात करें , ऐसा ही होता है, यह बात हिन्दू कम से कम अब तो समझें ?

राजगढ (मध्य प्रदेश) में दलित हिन्दू युवक की बारात पर मस्जिद से पथराव !

मस्जिदों के पास हिन्दुओं के धार्मिक ही नहीं, अपितु सामाजिक कार्यक्रम के समय भी पथराव कर आक्रमण किया जाता है । इस संदर्भ में विधर्मिवादी एवं आधुनिकतावादी मुंह क्यों नहीं खोलते ?

कुतुब मीनार और ताजमहल केंद्र सरकार हिन्दुओं को सौंपे ! -कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णन् की मांग

काँग्रेस की सरकार के समय काँग्रेस ने ऐसा क्यों नहीं किया और कृष्णन् ने इतने वर्ष यह बताया क्यों नहीं ?

तृणमूल कांग्रेस के नेता के बेटे को बनाया बंदी !

तृणमूल कांग्रेस दल के अनेक कार्यकर्ता बम बनाने से लेकर हत्या करने जैसे अनेक अपराथों में सम्मिलित होने की बात समय-समय पर सिद्ध हुई है । पार्टी पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए !

ज्ञानवापी मस्जिद हिन्दुओं को सौंपें ! – सोहेलदेव दल का मुसलमानों को आह्वान

वाराणसी में मुसलमानों के लिए कई मस्जिदें हैं । उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञानवापी मस्जिद के बदले मुसलमानों को जगह देनी चाहिए ।

भारत-पाक सीमापर २०० आतंकवादी घुसने के प्रयास में ! – लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी

भारत  और कितने वर्ष जिहादी आतंकवाद सहन करेगा ? जिहाद के प्रायोजक पाक को समाप्त करना, यही इस समस्या का हमेशा के लिए उपाय है, यह स्वतंत्रता के उपरान्त सभी शासनकर्ताओं के ध्यान में न आना लज्जास्पद !

दिल्ली में बच्चों में झगड़ा होने से धर्मांधों द्वारा हिंदुओं पर आक्रमण

धर्मांधों को हिंदुओं पर आक्रमण करने के लिए कोई भी कारण चाहिए, यह उसका एक उदाहरण है !

बांगलादेश में इफ्तार मेजवानी में सहभागी न होने से धर्मांधों की ओर से हिन्दू नेता को मारा

बांगलादेश में असुरक्षित हिन्दू ! भारत में कभी दिवाली, होली आदि हिन्दुओं के त्योहारों में सहभागी न होने पर अल्पसंख्यकों के विषय में ऐसी घटनाएं होती हैं क्या ? फिर भी तथाकथित धर्मनिरपेक्ष लोग हिन्दुओं को ही असहिष्णु ठहराते हैं !

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में कुलपति द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी के कारण छात्रों में प्रचंड आक्रोश !

यह निश्चित है, कि हिन्दुओं में आत्मघाती धर्मनिरपेक्षता एक दिन उन्हें विनाश की खाई में धकेलेगी !

अयोध्या के तपस्वी छावनी के जगद्गुरु परमहंसाचार्य जी को ताजमहल में प्रवेश से रोखा !

हिन्दू सन्तों की ऐसी अवमानना, केन्द्र सरकार के नियन्त्रण में होनेवाली सुरक्षा यन्त्रणाएं कैसी कर सकती हैं ? उन्हें सन्तों का उचित सम्मान करना नहीं सिखाया क्या ?