दिल्ली में बच्चों में झगड़ा होने से धर्मांधों द्वारा हिंदुओं पर आक्रमण
धर्मांधों को हिंदुओं पर आक्रमण करने के लिए कोई भी कारण चाहिए, यह उसका एक उदाहरण है !
धर्मांधों को हिंदुओं पर आक्रमण करने के लिए कोई भी कारण चाहिए, यह उसका एक उदाहरण है !
बांगलादेश में असुरक्षित हिन्दू ! भारत में कभी दिवाली, होली आदि हिन्दुओं के त्योहारों में सहभागी न होने पर अल्पसंख्यकों के विषय में ऐसी घटनाएं होती हैं क्या ? फिर भी तथाकथित धर्मनिरपेक्ष लोग हिन्दुओं को ही असहिष्णु ठहराते हैं !
यह निश्चित है, कि हिन्दुओं में आत्मघाती धर्मनिरपेक्षता एक दिन उन्हें विनाश की खाई में धकेलेगी !
हिन्दू सन्तों की ऐसी अवमानना, केन्द्र सरकार के नियन्त्रण में होनेवाली सुरक्षा यन्त्रणाएं कैसी कर सकती हैं ? उन्हें सन्तों का उचित सम्मान करना नहीं सिखाया क्या ?
भले ही १५ हजार हिन्दू हों, किन्तु मुट्ठी भर धर्मांध कट्टरपंथियों ने उन पर पत्थर फेंकने का साहस किया और हिंदुओं को मारा- पीटा ; यह हिन्दुओं के लिए अति लज्जास्पद है !