पिछले १० वर्षाें में मुंबई महानगरपालिका द्वारा संचालित मराठी माध्यम के १०० से अधिक विद्यालय बंद !
मराठी विद्यालयों की यह दुर्दशा सरकार की मराठी भाषा से संबंधित नीतियों की फलोत्पति पर प्रश्नचिन्ह खडा करती है, ऐसा किसी ने कहा, तो उसमें अनुचित क्या है ?