१ लाख ६४ हजार स्नातक छात्रों के प्रमाण पत्रों पर ‘Mumbai’ के स्थान पर ‘Mumabai’ ऐसे गलत लिखा गया था !
अब इसका क्या उपयोग है ? क्या संबंधित प्राधिकारियों ने प्रमाणपत्रों को जारी करने से पहले उनका सत्यापन नहीं किया ? ऐसी लापरवाही करके मुंबई विश्वविद्यालय की अपकीर्ति करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए !