३ परिवाद प्रविष्ट होने के उपरांत भी अब तक परिवाद पंजीकृत नहीं !

  • अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी का प्रकरण

  • विशेष जांच दल (SIT) द्वारा जांच जारी

अयोध्या (उत्तर प्रदेश) – यहां श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान राशि की चोरी के प्रकरण में पुलिस के पास ३ परिवाद पंजीकृत कराए गए हैं; परंतु अब तक कोई प्राथमिकी (एफआईआर) प्रविष्ट नहीं की गई है । पहला परिवाद ‘धर्मसेना’ संगठन के संस्थापक तथा कारसेवक संतोष दुबे ने, दूसरा उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने तथा तीसरा करणी सेना ने प्रविष्ट किया है । इस प्रकरण की जांच के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है एवं जांच भी आरंभ हो चुकी है ।

जांच दल ने श्रीरामजन्मभूमि मंदिर तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से दान चोरी के संबंध में जानकारी प्राप्त की । इसके अतिरिक्त ट्रस्ट के सदस्य गोपाल राव को बुलाकर उनसे भी पूछताछ की गई । जांच दल ने ४२ संदिग्ध कर्मचारियों से भी पूछताछ की है ।

आरोपियों को बंदी नहीं बनाया गया तो करणी सेना करेगी आंदोलन !

करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अभिनव सिंह ने कहा कि दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिए । पुलिस जांच के समय सामान्य लोगों को जेल में डाल देती है, परंतु इस प्रकरण में आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं । यदि परिवाद प्रविष्ट नहीं किया गया एवं आरोपियों को बंदी बनहीं बनाया गया, तो करणी सेना आंदोलन करेगी, ऐसी चेतावनी उन्होंने दी ।

अब तक २ करोड रुपये की वसूली

इस चोरी के प्रकरण में अब तक ५ लोगों के नाम सामने आए हैं । इनके नाम लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे तथा रामशंकर हैं । पूछताछ के समय इन लोगों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर अब तक २ करोड रुपये की वसूली की गई है । ये सभी लोग दान राशि की गिनती के कार्य से जुडे हुए थे । लवकुश एवं अनुकल्प पुलिस हिरासत में हैं ।