बांग्लादेश के शिवगंज जिले का नाम बदलकर ‘महास्थान’ होगा ।

  • कट्टरतावादी इस्लामी गुटों के दबाव के सामने झुकते हुए प्रशासन ने लिया निर्णय ।

  • पाकिस्तान के गुप्तचर संगठन ‘आई.एस्.आई.’ द्वारा कट्टरतावादियों का आर्थिक सहायक होने का संदेह ।

ढाका (बांग्लादेश) – यहां के गायबांधा जिले के ‘सनातन धर्म संकुल’के विरोध में कट्टरतावादी मुसलमानों द्वारा आंदोलन किए जाने से, साथ ही धमकाए जाने के कारण बांग्लादेश सरकार द्वारा इस परियोजना का निर्माणकार्य रोके जाने की घटना ताजा है । ऐसे में ही अब कट्टरतावादियों की मांग के सामने झुककर प्रशासन ने बोगरा जिले के ‘शिवगंज’ उपजिले का नाम बदलकर ‘महास्थान’ करने की प्रक्रिया आरंभ की है, यह बात सामने आई है । ‘शिवगंज’ नाम में निहित हिन्दू धार्मिक संदर्भ के कारण इस नाम पर आपत्ति की गई थी । ‘प्रशासन का यह कदम तो देश के ऐतिहासिक एवं धार्मिक पहचान से जुडे प्रतीकों को धीरे-धीरे हटाने की प्रक्रिया का आरंभ है’, ऐसा कहा जा रहा है ।

लक्ष्मीपुर, शंभूगंज, नारायणगंज, ब्राह्मणबारिया, जॉयपुरहाट, ठाकूरगांव एवं गोपालगंज इन गांवों के भी नाम बदलने का षड्यंत्र ।

सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ‘शिवगंज’ नाम का प्रकरण कोई एकमात्र घटना नहीं है । भविष्य में लक्ष्मीपुर, शंभूगंज, नारायणगंज, ब्राह्मणबारिया, जॉयपुरहाट, ठाकूरगांव एवं गोपालगंज जैसे अन्य गांवों के नामों के संदर्भ में भी इसीप्रकार का दबाव बनाया जा सकता है, ऐसी आशंका हिन्दू समुदाय की ओर से व्यक्त की जा रही है । यद्यपि इस विषय पर भले ही कोई भी आधिकारित नीति घोषित नहीं की गई हो, तब भी इन चर्चाओं के कारण हिन्दू समुदाय में अस्वस्थता है ।

‘ढाकेश्वरी देवी’के नाम पर स्थित राजधानी ढाका का नामकरण भी ‘जहांगीरनगर’ करने का षड्यंत्र ।

‘ब्लिट्ज वीकली’के वरिष्ठ संपादक सलाहउद्दीन शोएब चौधरी

‘सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधि ने इस विषय में ढाका के ‘ब्लिट्ज वीकली’के वरिष्ठ संपादक सलाहउद्दीन शोएब चौधरी से जब बातचीत की, उस समय चौधरी ने कहा, पाकिस्तान का गुप्तचर संगठन बांग्लादेश में चलाई जा रही हिन्दूविरोधी गतिविधियों को समर्थन दे रहा है तथा आर्थिक सहायता भी कर रहा है । हमारे ढाका, इस प्राचीन शहर का नाम यहां के ढाकेश्वरी देवी के मंदिर के कारण पडा है । मुगल काल में इसे जहांगीरनगर कहा जाता था । अब भी धर्मांध मुसलमान राजधानी ढाका का नाम बदलकर जहांगीरनगर करने के लिए आवाज उठाते रहते हैं, तथापि अधिकांश नागरिकों की यह आस्था है कि ढाकेश्वरी देवी ढाका शहर की रक्षा करती है । हम सभी बंगाली हैं, जबकि कट्टरतावादी मुसलमान केवल ३ प्रतिशत हैं । हम ढाका शहर का नाम कदापि बदलने नहीं देंगे ।’’

 

संपादकीय भूमिका

भारत के हिन्दुओ, एक समय के हिन्दुओं की ‘बंगभूमि’ की आज क्या दुर्दशा हुई है, यह देखिए , अब भी आप जागृत नहीं हुए, तो आपके राज्य की भी यही स्थिति होने में अब कुछ ही दशक शेष हैं, इसे मत भूलिए ।