Raichur Public Muharram Banned : कर्नाटक के रायचूर जिले के २९ गांवों में मोहर्रम सार्वजनिक रूप से मनाने पर प्रतिबंध !

  • जिलाधिकारी पूविता एस्. का साहसिक निर्णय l

  • विगत वर्षों में मोहर्रम की अवधि में विधि-व्यवस्था (कानून-व्यवस्था) का प्रश्न उत्पन्न होने के कारण लिया गया निर्णय l

रायचूर (कर्नाटक) – कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से रायचूर जनपद के २९ गांवों में मोहर्रम पर्व सार्वजनिक रूप से मनाने तथा शोभायात्रा (जुलूस) निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है । जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी पूविता एस्. ने ‘कर्नाटक पुलिस अधिनियम १९६३’ की धारा ३५ के अंतर्गत यह आदेश दिया । इस संदर्भ में ‘सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधि ने पूविता एस्. से संपर्क कर इस निर्णय के विषय में जानकारी ली । इस पर उन्होंने कहा कि, इन २९ गांवों में इस प्रकार की शोभायात्राओं के समय कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हुई थी । उससे संबंधित प्रतिवेदनों (रिपोर्टों) के आधार पर यह निर्णय लिया गया है । इस पर जब उनसे पूछा गया कि, ‘अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण करने वाली कांग्रेस की सरकार राज्य में होने पर भी आपने यह निर्णय कैसे लिया ?’, तब उन्होंने कहा कि, यह पूर्णतः प्रशासनिक निर्णय है । इसे किसी भी राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए ।

रायचूर की जिलाधिकारी पूविता एस्.

प्रतिबंध की अवधि !

१७ से २६ जून की अवधि में मुसलमान यह पर्व मनाते हैं, इसलिए इन गांवों में इसके सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा ।

रायचूर के इन तालुकों के २९ गांवों पर रहेगा प्रतिबंध !

जनपद के सिंधनूर, मानवी, सिरवार, देवदुर्ग तथा मस्की तालुकों के विभिन्न गांवों में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है ।

इन २९ गांवों में रहेगा प्रतिबंध !

१. सिंधनूर पुलिस थाने की सीमा में : गिणीवार तथा उप्पळ

२. तुर्विहाळ पुलिस थाने की सीमा में : निडीगोळ-तिडीगोळ, हत्तिगुड्डा, कुरकुंदा तथा चिक्कबर्गी

३. बलगानूरु पुलिस थाने की सीमा में : उद्बळ (यू) तथा रागालपर्वी

४. मानवी पुलिस थाने की सीमा में : नंदीहाळ, जानेकल, मदलापुरू, जागीर पन्नुरू एवं मल्लिन मडगू

५. सिरवार पुलिस थाने की सीमा में : सिरवार नगर, साथ ही कडदिन्नी तथा बोम्मानाळ

६. कविताळ पुलिस थाने की सीमा में : कविताळ नगर, साथ ही हिरेबादरादिन्नी, बागलवाड, अमीनगड एवं गूगेबाळ

७. मस्की पुलिस थाने की सीमा में : तलेखान, संतेकल्लोर तथा मुसली कारलकुंटे

८. जालाहळ्ळी पुलिस थाने की सीमा में : चिंचोडी

९. गब्बूरु पुलिस थाने की सीमा में : खानापूर, बुद्धीन्नी, रामदुर्ग तथा हिरेबूदूर

‘कर्नाटक पुलिस अधिनियम १९६३’ की धारा ३५ क्या कहती है ?

इस धारा के अंतर्गत ‘सार्वजनिक शांति, सुव्यवस्था एवं सुरक्षा’ बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं । यह धारा सार्वजनिक शोभायात्राओं पर पूर्णतः प्रतिबंध नहीं लगाती ; अपितु उनका नियंत्रण करने, प्रतिबंध लगाने अथवा आवश्यकता होने पर उस पर रोक लगाने का अधिकार पुलिस को देती है ।

अधिनियम का उल्लंघन करने पर क्या होता है ?

यदि पुलिस द्वारा निर्धारित नियमों अथवा प्रतिबंधों का उल्लंघन कर शोभायात्रा निकाली जाती है, तो पुलिस अधिनियम के अनुसार कार्रवाई कर सकती है, भीड को तितर-बितर कर सकती है तथा आयोजकों पर कानूनी कार्रवाई (दंड अथवा बंदी बनाना) कर सकती है ।

संपादकीय भूमिका

  • राज्य में मुसलमानों का तुष्टीकरण करने वाली कांग्रेस की सरकार होने पर भी एक जिले में इस प्रकार के निर्णय लिए जाना, इसके लिए वहां का जिला प्रशासन अभिनंदन का पात्र है । पूविता एस . जैसी जिलाधिकारी सभी स्थानों पर होनी चाहिए !
  • जानिए कि हिन्दुओं के पर्व-उत्सवों के समय इस प्रकार की विधि-व्यवस्था की समस्या कभी भी उत्पन्न नहीं होती !