मुंबई विमानतल परिसर में शिया समाज के सदस्यों द्वारा मातम

विमानतल परिसर में मातम की अनुमति दिए जाने पर अनेक लोगों द्वारा आलोचना ।

(मातम अर्थात मृत्यु, बुरी घटना या बलिदान की स्मृति में छाती पर हाथ मारकर सार्वजनिक रूप से शोक व्यक्त करने की मुसलमानों की पद्धति)

मुंबई – एक विमानतल के परिसर में शिया समाज के कुछ सदस्यों द्वारा मातम किए जाने का एक वीडियो सामने आया है । यह वीडियो वास्तव में किस विमानतल का है ?, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है । हालांकि यदि यह मुंबई विमानतल परिसर का है, तो यह घटना वास्तव में कब हुई ?, इसके लिए आधिकारिक अनुमति ली गई थी या नहीं ?, इस विषय में विमानतल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या निवेदन जारी नहीं किया गया है ।

१. मातम मुख्य रूप से शिया मुसलमान समाज में मनाई जाने वाली शोक व्यक्त करने की धार्मिक परंपरा है । इस्लाम धर्म के संस्थापक मोहम्मद पैगंबर के पोते इमाम हुसैन तथा उनके साथियों ने सातवीं शताब्दी के कर्बला युद्ध में दिए गए बलिदान की स्मृति में इस प्रकार दुःख तथा एकता व्यक्त की जाती है ।

२. विमानतळ परिसर में ऐसे कार्यों की अनुमति कैसे दी गई ?, ऐसा प्रश्न अनेक लोगों ने सामाजिक माध्यमों पर उठाया है । सभी ने अत्यधिक कठोर सुरक्षा उपायों की मांग की है ।