Pakistan Sikh Murder : पाकिस्तान के गुरुद्वारे में घुसकर सिख सेवादार दंपति की हत्या

AI निर्मित चित्र

पेशावर (पाकिस्तान) – पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के मर्दान शहर में १७ जून को एक गुरुद्वारे में सिख सेवादार दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई । मर्दान के जिला पुलिस अधिकारी मसूद अहमद के अनुसार, अज्ञात आक्रमणकारी गुरुद्वारे में घुस आए तथा उन्होंने गोलीबारी की । इस आक्रमण में सेवादार जगन्नाथ तथा उनकी पत्नी आसमावंती की मृत्यु हो गई । हत्या के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है ।

खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा के विधायक सुरेश कुमार ने हत्यारों के तत्काल बंदी बनाने की मांग की है एवं पुलिस को जांच में प्रगति दिखाने के लिए २४ घंटे की समय-सीमा दी है । घटना की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा कर्मियों और पुलिस की उपस्थिति के उपरांत भी, ऐसी घटना होना अत्यंत चिंताजनक है । उन्होंने प्रकरण की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की ।

सुरेश कुमार ने घटनास्थल से एकत्र किए गए सीसीटीवी साक्ष्यों के प्रबंधन पर भी चिंता जताई । उनका आरोप है कि डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर को अत्यंत लापरवाही से हटाया गया, जिससे साक्ष्यों के संरक्षण एवं जांच की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है । उन्होंने मर्दान के जिला पुलिस अधिकारी, क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी तथा खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिरीक्षक से प्रकरण की गहन जांच सुनिश्चित करने तथा लापरवाही बरतनेवाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की ।

यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पेशावर एवं इस्लामाबाद में प्रदर्शन

सुरेश कुमार ने चेतावनी दी कि यदि २४ घंटे के भीतर संदिग्धों को बंदी नहीं बनाया गया, अथवा जांच में महत्त्वपूर्ण प्रगति नहीं दिखाई देती, तो पेशावर, इस्लामाबाद एवं मर्दान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जाएंगे ।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने की निंदा

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने इस घटना की कडे शब्दों में निंदा की है । उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब जैसे पवित्र धार्मिक स्थल में घुसकर निर्दोष लोगों की हत्या करना मानवता के विरुद्ध अपराध है । इस घटना ने न केवल सिख समुदाय में, अपितु पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं ।

संपादकीय भूमिका

क्या भारत तथा कनाडा एवं पाकिस्तान के खालिस्तान समर्थक इस घटना पर मौन रहेंगे ?