
पुणे, २६ फेब्रुवारी (वार्ता.) : ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर पुरस्कार प्रदान समारोह २०२५’ के लिए सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन का २६ फरवरी को पुणे हवाई अड्डे पर सुबह ७:३० बजे आगमन हुआ। इस अवसर पर सनातन संस्था की ओर से सौ. विनोदिनी भोले ने उनका आरती करके (औक्षण) किया। इस दौरान हिंदुत्वनिष्ठ श्री. भूषण भोले तथा ‘सनातन प्रभात’ के पाठक, गोरक्षक, गौशाला संचालक एवं आसाराम बापू संप्रदाय के साधक श्री. हेमंत उपरे उपस्थित थे।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले के प्रति व्यक्त किए गौरवपूर्ण उदगार ।

रामनाथी, गोवा स्थित सनातन आश्रम और सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले के बारे में पूछे जाने पर अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा, “जब मैं सनातन आश्रम में परात्पर गुरुदेव से मिला, तभी मेरे कार्य को शक्ति मिली। इससे पहले मैंने किसी को भी अपना गुरु नहीं माना था। जब परात्पर गुरु मिले, तब से वही मेरे आध्यात्मिक गुरु हैं और वे ही मेरे लिए सब कुछ हैं।” यह कहते हुए उनके नेत्रों में सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले के प्रति अत्यंत उच्च भाव झलक रहा था।
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