छत्तीसगढ के जगदलपुर वैद्यकीय महाविद्यालय में हजारों चूहों ने किया नाक में दम !
चूहों की समस्या शुरू होते ही उस पर अंकुश रखने के लिए कोई उपाययोजना त्वरित क्यों नहीं की गई ? इसके प्रति असंवेदनशील रहनेवाले उत्तरदायी लोगों से ही इसकी वसूली की जाए !
चूहों की समस्या शुरू होते ही उस पर अंकुश रखने के लिए कोई उपाययोजना त्वरित क्यों नहीं की गई ? इसके प्रति असंवेदनशील रहनेवाले उत्तरदायी लोगों से ही इसकी वसूली की जाए !
‘गोधन न्याय योजना’ द्वारा क्रय किए गए गोबर का उपयोग खाद बनाने के लिए, जबकि गोमूत्र का उपयोग कीटकनाशक बनाने के लिए किया जाएगा ।
कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को ‘ओसामाजी’ कहना, ‘वर्ष २००१ में संसद पर हुए आक्रमण के सूत्रधार मुहम्मद अफजल का प्रकरण ठीक से नहीं निपटाया’, ऐसा आरोप लगाना ! वर्ष १९९३ के बमविस्फोट के अपराधी याकुब मेमन को फांसी का दंड न हो, इसलिए अंत तक प्रयास करना, आतंकवादी मसुद अजहर को ‘साहब’ संबोधित करना, कांग्रेसी नेताओं का जिहादी आतंकवादियों का समर्थन करने का इतिहास ऐसा ही है ।
‘बेली डान्स’ एक प्राचीन नृत्य है । सदियों से मध्य पूर्व के विवाह समारोहों और पार्टियों में यह नृत्य किया जाता है । `बेली डान्स’ में कलाकार छोटे कपडे पहनकर नृत्य करते हैं ।
हिन्दू जनजागृति समिति, अखिल भारतीय हिन्दू स्वाभिमान सेना और शदाणी सेवा मंडल, रायपुर के संयुक्त आयोजन में यहां के शदाणी दरबार तीर्थ में ‘हलाल प्रमाणपत्र – एक षड्यंत्र’ विषय पर एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया था ।
छत्तीसगढ में कांग्रेस की सरकार होने से हिन्दुओं के मंदिर और संतों का अपमान हो रहा है । ‘कांग्रेस का राज्य, अर्थात पाकिस्तानी शासन’ यही इससे स्पष्ट होता है !
संतों को आंदोलन करना पडता है ? सरकार और पुलिस स्वयं से कार्यवाही क्यों नहीं करती ?
ज्ञानवापी मस्जिद में जो शिवलिंग है, मुसलमानों द्वारा उसका विरोध होने की पृष्ठभूमि पर ऐसी घटना घटती है, इसका क्या अर्थ है?
पिछले वर्ष दुर्घटना में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अपघाती मृत्यु की घटना के संदर्भ में झारखंड उच्च न्यायालय ने सीबीआई को व्हाट्सएपस् संस्थान के मालिक, संचालक, आस्थापन के विरोध मे अपराध दर्ज करने का आदेश दिया ।
आर्थिक बजट प्रस्तुत करने के लिए मुख्यमंत्री ने गोबर से बने बक्से का प्रयोग करना यह देश की पहली ही घटना है ।
हिन्दुओं को जिनसे खतरा है, जो हिन्दुओं को ‘काफिर’ कहते हैं, वे उनके पूर्वजों को ही ‘काफिर’ कह रहे हैं; कारण भारत में सभी के पूर्वज सनातन वैदिक आर्य हिन्दू ही हैं ।