Trump Warns Iran : हमारे सैनिकों को हाथ भी लगाया, तो युद्ध भडकेगा ।

ट्रम्प की ईरान को पुनः डांट-डपट ।

वॉशिंग्टन (अमेरिका) – अमेरिका एवं ईरान के मध्य का युद्धविराम का समझौता अंतिम चरण में होने की बात कहनेवाले अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने अब पुनः ईरान के साथ डांट-डपट की है । इसमें ‘यह युद्ध रोकने की ट्रम्प की इच्छा ही नहीं है’, ऐसा कहा जा रहा है । ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने यदि अमेरिकी सैनिकों को लक्ष्य बनाया, तो वह पुनः युद्ध आरंभ करने का एक ठोस कारण होगा । ईरान के पास अब न नौसेना है तथा ना वायुदल । अमेरिका ने ईरान के नेतृत्व को संपूर्णतः ध्वस्त किया है, यह दावा भी ट्रम्प ने पुनः एक बार किया । उन्होंने आगे कहा कि ईरान युद्ध में अच्छा कर रहा है, इसके समाचार झूठे हैं । उनके पास पहले १५९ युद्धपोत थे, जो वर्तमान समय में समुद्र के तल पर विश्राम कर रहै हैं । हमने उनके छायाचित्र भी खींचे हैं, यह भी ट्रम्प ने दावा किया ।

अमेरिका की संसद में ट्रम्प के विरोध में प्रस्ताव पारित ।

ऐसे में ही अमेरिका की संसद ने (‘हाऊस ऑफ रिप्रेजेंटिटिवज’ ने) ट्रम्प के विरोध में एक प्रस्ताव पारित किया है । इसमें ईरान के विरुद्ध युद्ध करने के ट्रम्प के अधिकारों को सीमित करना तथा उन्हें सैन्य कार्यवाही रोकने के लिए बाध्य करने का समावेश है । इसमें विशेष बात यह कि ‘डेमोक्रैट्स’ के इस प्रस्ताव का ट्रम्प के ‘रिपब्लिकन दल’ के ४ सांसदों ने भी समर्थन किया । ट्रम्प ने संसद के इस कदम को ‘एक अर्थहीन मतदान’ कहकर कडी निंदा की ।

विरोधियों की आलोचना करते हुए ट्रम्प ने कहा कि डेमोक्रैट्स ‘ट्रम्प डेरेजमेंट सिंड्रोम’ (ट्रम्प-विरोध का पागलपन), इस मानसिक बीमारी से ग्रस्त हैं । देश को प्रगति करता हुआ देखने के स्थान पर केवल ट्रम्प की पराजय होते हुए देखना है ।

संसद के इस निर्णय को ट्रम्प की युद्धनीति के विरुद्ध कांग्रेस द्वारा दी गई पहली सफल चुनौती माना जा हा है । तथापि अब भले ही यह प्रस्ताव ‘सिनेट’में भेजा जानेवाला है, तब भी अंतिम निर्णय लेने का ‘वीटो’ का अधिकार ट्रम्प के ही पास है ।