UP Conversion Racket : उत्तर प्रदेश की नेपाल सीमा के निकट स्थित ‘गुप्त चर्च’ द्वारा हिन्दुओं का किया जा रहा है धर्मान्तरण !

लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) – लखीमपुर खीरी जनपद (जिले) में निर्धन, अस्वस्थ (बीमार) एवं असहाय हिन्दुओं को चमत्कार का लोभ दिखाकर ईसाई बनाए जाने की बात उजागर हुई है । भारत-नेपाल सीमा के निकट किसी भी फलक (बोर्ड) के बिना गुप्त चर्च चलाए जा रहे हैं ।

पत्रकार ने श्रमिक बनकर २० दिन में उजागर किया रहस्य !

‘दैनिक भास्कर’ के समाचार के अनुसार, यह बडा जाल उजागर करने के लिए एक पत्रकार ने श्रमिक का रूप धारण किया । उसने लखीमपुर के एक गांव में २० दिन खेत में कार्य किया । उसने स्वयं को निर्धन एवं अस्वस्थ दर्शाया । उसके उपरान्त स्थानीय लोगों ने उसका परिचय पादरी विजय से करवा दिया । विजय मूल रूप से नेपाल का निवासी है तथा वह बहुत समय से यहां ‘गुप्त चर्च’ चला रहा है ।

गुप्त चर्च में बुलाया, शासकीय शिक्षक भी सहभागी !

इस पत्रकार को एक गुप्त चर्च में ले जाया गया । वहां पादरी विजय एवं उसके साथियों ने पत्रकार का बुद्धिभेद करना प्रारम्भ किया । वहां एक शासकीय शिक्षक एवं उसकी पत्नी भी उपस्थित थे । उन्होंने दावा किया कि, यीशु की शरण में आने के कारण उनके सभी दुःख दूर हो गए हैं । उन्होंने पत्रकार को प्रतिदिन वहां आने के लिए कहा ।

ब्लेड से काटा कलाई का सूत्र (डोरा) !

पादरी ने पत्रकार के हाथ में बंधा हुआ लाल धार्मिक सूत्र (डोरा) देखा । पादरी ने बताया कि, सूत्र, ताबीज, गंगाजल एवं पूजा-पाठ जैसी वस्तुएं प्रार्थना के प्रभाव को रोकती हैं । इसके उपरान्त पत्रकार की कलाई का सूत्र ब्लेड से काट दिया गया । उन्हें हिन्दू देवताओं की पूजा छोड देने का परामर्श दिया गया ।

गांव-गांव फैला है जाल !

अन्वेषण (जांच) में यह समझ में आया है कि, इस जाल के लोग प्रत्येक गांव में छिपे हुए हैं । यह लोग ऐसे लोगों को खोजते हैं, जो अत्यन्त निर्धन अथवा अस्वस्थ हैं । जैसे ही कोई इस प्रकार का परिवार मिलता है, वैसे ही उसकी जानकारी त्वरित पादरी तक पहुंचाई जाती है । उसके उपरान्त सहायता करने के बहाने उनका धर्मान्तरण करने का प्रयत्न किया जाता है ।

संपादकीय भूमिका

देश के संपूर्ण भाग में कठोर धर्मान्तरण विरोधी कानून न होने से ईसाई मिशनरियों का लाभ हो रहा है, यह स्वतन्त्रता के उपरान्त अब तक की सभी सरकारों के लिए लज्जास्पद !