दूध तथा दुग्धजन्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध प्राथमिकता से की जाएगी कार्रवाई !

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंढे की चेतावनी !

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंढे

मुंबई – राज्य में दूध तथा दुग्धजन्य पदार्थों में बड़े स्तर पर मिलावट होती है । इससे ग्राहकों के साथ कपट तो होता ही है; परंतु उसके साथ स्वास्थ्य का गंभीर प्रश्न भी उत्पन्न होता है । दूध तथा दुग्धजन्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध प्राथमिकता से कार्रवाई की जाएगी, ऐसी चेतावनी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने दुग्ध व्यवसाय के शिष्टमंडल से वार्तालाप करते समय दी । दूध उत्पादक एवं प्रसंस्करण व्यवसायी कल्याणकारी संघ के सचिव प्रकाश कुतवल, वरिष्ठ निदेशक श्रीपाद चितले, आबासाहेब थोरात ने मुंढे से भेंट की । उस समय इस मिलावट को रोकने पर विस्तृत चर्चा हुई ।

खाद्य एवं औषधि विभाग की प्रयोगशालाओं की क्षमता तथा संख्या बढाने की योजना है । मिलावटी पनीर के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई चल रही है । इसलिए दूध से निर्मित पनीर की बाजार में मांग बढ गई है । ग्राहकों को शुद्ध उत्पाद प्राप्त होने चाहिए । ग्राहकों को उत्तम दूध तथा कृषक (किसान) को उचित मूल्य मिलना चाहिए, यही हमारी नीति है । दूध के संदर्भ में अनुचित कृत्य करने वालों को आश्रय नहीं मिलेगा, ऐसा भी मुंढे ने कहा ।

संपादकीय भूमिका

ऐसी आक्रामक तथा क्रियाशील नीति कार्यान्वित करने पर ही मिलावट की समस्या समाप्त हो सकती है । इस प्रकार की कार्रवाई संपूर्ण देश में होनी चाहिए !