नेरूळ (नई मुंबई) के चिकित्सालय के छात्रावास में स्थित हिन्दुओं की मूर्तियां धर्मांध ईसाई युवती ने फेंक दीं

(बाएंसे) छात्रावास के कक्ष में स्थित पूजाघर और चप्पलों के रैक में फेंकी गई मूर्तियां

नई मुंबई – नेरूळ (पश्चिम) के सेक्टर ६ में स्थित ‘सुश्रुषा हार्ट केयर सेंटर एवं स्पेशलिटी हॉस्पिटल’के छात्रावास में स्थित हिन्दुओं के देवताओं की मूर्तियां धर्मांतरित ईसाई युवती ने फेंक दी । (धर्मांतरण कर ईसाई बने लोग पोप से भी अधिक कडवे होते हैं, इसका यह उदाहरण है – संपादक) इस गंभीर घटना को ध्यान में लेते हुए हिन्दू युवती ने चिकित्सालय के मालिक एवं व्यवस्थापक से संबंधित धर्मांध ईसाई युवती को चिकित्सालय एवं छात्रावास से निलंबित करने की मांग की है । (देवताओं के अनादर के विरुद्ध शिकायत करनेवाली हिन्दू युवती का अभिनंदन – संपादक)

‘सनातन प्रभात’ को यह शिकायत प्राप्त हुई है । इस शिकायत के अनुसार इस छात्रावास में जिस कक्ष में हिन्दू युवती रहती है, उस कक्ष में यह धर्मांध ईसाई युवती ४ दिन पहले रहने को आई थी । इस कक्ष में स्थित लकडी के पूजाघर में श्री गणेश, श्रीकृष्ण एवं श्री विठ्ठल की मूर्तियां थीं । यह हिन्दू युवती नियमितरूप से इन देवताओं की पूजा-अर्चना करती थी । जब यह धर्मांध युवती इस कक्ष में रहने के लिए आई, तब उसने हिन्दू युवती को उसे इन हिन्दू देवताओं की मूर्तियों से कष्ट होने की बात कहकर इन मूर्तियों को कक्ष से हटाने के लिए कहा । जबसे यह ईसाई युवती कक्ष में रहने के लिए आई थी, तब से वह इन मूर्तियों को वहां से हटाने के लिए निरंतर झगडा कर रही थी । संबंधित हिन्दू युवती तथा यह धर्मांध ईसाई युवती इस चिकित्सालय में नर्स का काम करती हैं । ५ जून को जब हिन्दू युवती चिकित्सालय में काम पर गई थी, तब धर्मांध ईसाई युवती ने हिन्दुओं के देवताओं की मूर्तियां कक्ष के बाहर लगे कूढेदान के पास के चप्पलों के रैक में फेंक दीं । हिन्दू युवती ने कक्ष में आने पर उसे देवताओं की मूर्तियों को फेंकने के विषय में जब स्पष्टीकरण पूछा, तब धर्मांध ईसाई युवती झगडा करने लगी । यह धर्मांध ईसाई युवती चिकित्सालय में ईसाईयों को छोडकर अन्य धर्मीय लोगों के साथ द्वेषपूर्ण व्यवहार करती है, इसका भी शिकायत में उल्लेख किया गया है ।

संपादकीय भूमिका

सर्वधर्मसमभाव के गीत गानेवाले ईसाईयों का हिन्दूद्वेष कितना तीव्र है, यही इससे ध्यान में आता है । इससे ईसाई संगठन, चर्च, वहां के पादरी एवं ईसाई धर्मप्रचारक हिन्दुओं के देवताओं के प्रति समाज में कितना द्वेष फैलाते होंगे, इसे हिन्दू ध्यान में लें । हिन्दूबहुल भारत में हिन्दुत्वनिष्ठ सरकारें होते हुए भी अन्य धर्मियों द्वारा हिन्दुओं के साथ द्वेषपूर्ण व्यवहार किया जाना क्षोभजनक है ।