Mumbai Hub Of Bangladeshi Infiltrators : मुंबई बन गया है बांग्लादेशी घुसपैठियों का केंद्र – १ सहस्र ५०० से अधिक स्थानों पर घुसपैठियों के अड्डे

आतंकवादविरोधी दल ने सरकार को ३० सहस्र घुसपैठियों के नाम सौंपे ।

श्री. प्रीतम नाचणकर, विशेष प्रतिनिधि, सनातन प्रभात

मुंबई, ६ जून (संवाददाता) – एक ओर महाराष्ट्र की सरकार मुंबई को ‘आर्थिक एवं तकनीक का केंद्र ’ (हब) बनाने के लिए प्रयासरत है, तो दूसरी ओर मुंबई बांग्लादेशी घुसपैठियों का ‘हब’ (केंद्र) बन चुका है । महाराष्ट्र के आतंकवादविरोधी बल ने कुछ ही दिन पूर्व ३० सहस्र से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठियों की सूची महाराष्ट्र सरकार को सौंपी है । ‘सनातन प्रभात’को यह सूची प्राप्त हुई है । इसमें मुंबई के लगभग १ सहस्र ५०० से अधिक क्षेत्रों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के अड्डे दिखाई दिए हैं तथा अकेले मुंबई में १६-१७ सहस्र से अधिक घुसपैठिये मिले है । सबसे चिंता की बात यह कि मुंबई में जहां बांग्लादेशी घुसपैठिये नहीं मिले हों, ऐसा एक भी स्थान अब शेष नहीं बचा है । इस स्थिति को देखा जाए, तो मुंबई सहित उपनगरों में इससे अनेक गुना अधिक बांग्लादेशी घुसपैठिए मिलने की संभावना है ।

अर्थात पिछले २-३ वर्षाें में महाराष्ट्र की महायुति सरकार द्वारा बांग्लादेशी घुसपैठियों के प्रति अपनाई गई कठोर भूमिका एवं अन्वेषण विभागों द्वारा चलाया गए घुसपैठीविरोधी अभियान के कारण न्यूनतम इतने तो बांग्लादेशी घुसपैठिए मिले हैं । वर्ष २०२५ में आतंकवाद विरोधी दल ने १ सहस्र २३७ बांग्लादेशी घुसपैठियों की सूची सरकार को सौंपी थी, उसके उपरांत अब यह दूसरी सूची सौंपी गई है । इस बार इन सभी घुसपैठियों को बंदी बनाकर उनके विरुद्ध आरोपपत्र भी प्रविष्ट किया गया है तथा क्या ये घुसपैठिये किसी सरकारी योजनाओं का तो लाभ उठा रहे हैं ?, इसकी पडताल करने के लिए आतंकवाद विरोधी दल ने यह सूची सरकार को भेजी है । इन सभी घुसपैठियों को बांग्लादेश भेजने की कार्यवाही चल रही है ।

अवैध झोपडपट्टियों में घुसपैठियों के अड्डे ।

मुंबई के कामाठीपुरा, कुर्ला, डॉकयार्ड, माजगांव, मालवणी, अंधेरी, नागपाडा, मशीद बंदर, शेवडी, मानखुर्द, जोगेश्वरी, गोवंडी, ग्रैंट रोड, एंटॉप हिल आदि सभी स्थानों पर स्थित झोपडपट्टियों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के अड्डे मिले हैं ।

आजूबाजू के जिलों में भी घुसपैठियों का डेरा।

मुंबई के अतिरिक्त नई मुंबई, ठाणे एवं पालघर जिलों में भी बांग्लादेशी घुसपैठियों ने बडी संख्या में उनके अड्डे बनाए हैं । कुछ बांग्लादेशी रेल विभाग की कार्यकक्षा में मिले हैं, जिन पर रेल पुलिस दल द्वारा कार्यवाही की गई है ।

इसमें गंभीर बात यह है कि इनमें से अधिकांश बांग्लादेशी घुसपैठिये ५० वर्ष आयुसमूह के अंदर के हैं । मुंबई में भंगारवाले, फल-फूल बिक्रेता, फास्ट फूड विक्रेता, केशकर्तनालय, फेरीवाले आदि अधिकांश क्षेत्रों में इन घुसपैठियों ने अपना डेरा जमाया है, ऐसा अन्वेषण में सामने आया है । इसलिए सरकार ने मुंबई की झोपडपट्टी एवं फेरीवालों पर कार्यवाही करने के लिए कठोर अभियान आरंभ किया है ।

घुसपैठियों को बंसाने में कांग्रेस एवं मुसलमान नेताओं का हाथ ।

इसमें गंभीर बात यह है कि इन बांग्लादेशी घुसपैठियों के पास आधारकार्ड, पैनकार्ड, राशनकार्ड, वाहन अनुज्ञप्तियां ही नहीं, अपितु जन्मप्रमाणपत्र भी मिले हैं । ये सभी कागदपत्र झूठे कागदपत्रों के आधार पर तैयार किए गए हैं । पिछले अनेक वर्षाें में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इन घुसपैठियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की गई, उल्टे स्थानीय मुसलमान नेताओं ने इन घुसपैठियों को मुंबई सहित आजूबाजू के परिसर में बंसाने में सहायता की । वर्तमान समय में मुंबई में अवैध झोपडपट्टियों पर की गई कार्यवाही में बांग्लादेशी घुसपैठियों की कार्यवाही को समर्थन देने के स्थान पर कुछ मुसलमान नेता इस कार्यवाही का विरोध कर रहे हैं ।

संपादकीय भूमिका

  • इससे मुंबई में बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या कितनी होगी ?, यह ध्यान में आता है । विगत ४ दशकों में देश की आर्थिक राजधानी में घुसपैठियों के अड्डे बनना सभी सरकाराें की घोर असफलता ही है ।
  • बांग्लादेशी घुसपैठियों को आश्रय तथा पहचानपत्र उपलब्ध करानेवाले हर व्यक्ति को ढूंढ कर उन्हें कारागृह में बंद कर देना चाहिए ।