Gujarat ATS : भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से पूर्व गुजरात में ५ आतंकवादियों को बंदी बनाया
आज भी भारत में हिन्दुओं की धार्मिक यात्राएं जिहादी आतंकवाद के साये में आयोजित होती हैं, यह सभी दलों की सरकारों के लिए लज्जास्पद है !
आज भी भारत में हिन्दुओं की धार्मिक यात्राएं जिहादी आतंकवाद के साये में आयोजित होती हैं, यह सभी दलों की सरकारों के लिए लज्जास्पद है !
सरकारी आदेश के अनुसार ये आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा एवं अन्य संगठनों से संबंधित हैं । इन २३ लोगों को आतंकवादियों की सूची में सम्मिलित करने के कारण उनमें आतंकवादियों की कुल संख्या ८० हो गई है।
धर्मांतरण कर जिहादी आतंकवादी से ऑनलाइन रचाया विवाह l पाकिस्तान जाने का कर रही थी प्रयास l
आतंकवादियों ने ‘रॉकेट कैसे बनाएं तथा मिश्रण किस अनुपात में होना चाहिए ?’, ऐसे प्रश्न पूछकर सूचना ढूंढी थी ।
अज्ञात लोगों द्वारा आक्रमण करके जैश-ए-मोहम्मद के एक प्रमुख कमांडर सलमान अजहर की हत्या कर दी ।
पाकिस्तानी सेना की ओर से लष्कर-ए-तोयबा एवं जैश-ए-मोहम्मद जैसे स्थानीय आतंकी संगठन को भी वैचारिक एवं नीतिगत समर्थन मिल रहा है, ऐसा दावा ‘अफगान डाइस्पोरा नेटवर्क’ के ब्योरे में किया है ।
इतनी बड़ी संख्या में मुसलमान चिकित्सकों पर आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त होने का संशय पुलिस को है, तो इससे क्या समझना चाहिए ?
पाकिस्तान के पश्चात् अब तुर्किये भारत में आतंकवादी गतिविधियां करने के साथ ही पाकिस्तान को सैन्य सहायता प्रदान करने लगा है । अतः भारत ने उसके विषय में अभी ही ठोस निर्णय लेकर कार्रवाई करना आवश्यक है !
इस संगठन का नाम ‘जमात-उल-मोमिनत’ रखा गया है । उन्होंने बहावलपुर स्थित मरकज (मुख्यालय) उस्मान-ओ-अली में महिलाओं के चयन व नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है ।
वर्तमान में गणेशोत्सव चल रहा है । ऐसे समय में जिहादी आतंकवाद की छाया में हिन्दुओं को अपने पर्व मनाने पडना क्रोधजनक है ।