CJI In London: लंदन में भारत के मुख्य न्यायाधीश के कार्यक्रम में हलचल : भारतीय उच्चायोग अत्यंत अप्रसन्न

भारत में कथित असहिष्णुता के संबंध में उठाए गए प्रश्न

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (बाएं)

नई दिल्ली – लंदन स्थित बर्कबेक विश्वविद्यालय में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था । उसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – ए.आई.) एवं अंतरराष्ट्रीय कानून” विषय पर चर्चा होनी थी । उस समय एक व्यक्ति ने भारत में बढती असहिष्णुता के संबंध में प्रश्न पूछने का प्रयास किया । साथ ही कुछ दिन पूर्व मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा युवाओं को कथित रूप से ‘झींगुर’ कहे जाने के संबंध में भी कार्यक्रम के समय प्रश्न उठने से विवाद निर्माण हुआ । इस कार्यक्रम के समय हुए इस होहल्ले का लंदन में स्थित भारतीय उच्चायोग ने कडा विरोध किया । मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत आजकल ब्रिटेन के छह दिन के शासकीय भेंट पर हैं, जहां वे विभिन्न कानूनी एवं तकनीकी विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे ।

१. कार्यक्रम के प्रस्तोता ने हस्तक्षेप कर दर्शक द्वारा पूछे जा रहे प्रश्न को रोका एवं स्पष्ट किया कि यह प्रश्न ‘ए.आई. एवं अंतरराष्ट्रीय कानून’ नामक नियोजित विषय से पूर्ण रूप से भिन्न है ।

२. भारतीय उच्चायोग ने समाजिक माध्यम पर आधिकारिक वक्तव्य प्रकाशित कर ऐसे व्यवहार को पूर्णरूपेण अस्वीकार्य बताया । उच्चायोग ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में मतभेद होना स्वाभाविक है ।

३. उच्चायोग ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में मतभेद होते हुए भी उन्हें सदा सभ्य एवं सम्मानपूर्वक पद्धति से व्यक्त किया जाना चाहिए । दर्शकों के मध्य दिखा ऐसा अभद्र व्यवहार शिष्टाचार के विरुद्ध हैं ।

संपादकीय भूमिका

ब्रिटेन में भारत की कथित असहिष्णुता पर प्रश्न उठते हैं; परन्तु ब्रिटेन में बढती लव जिहाद की घटनाओं एवं वहां के हिन्दुओं पर हो रहे आक्रमणों के संबंध में कोई कुछ क्यों नहीं बोलता ? अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पूर्वनियोजित विचार एवं संकल्प से भारत की अपकीर्ति करने का यह अत्यंत प्रयास निंदनीय है !