नाशिक स्थित ‘टीसीएस’ में कॉर्पोरेट जिहाद का प्रकरण
आरोपियों ने पीडिता को भजन सुनना एवं मंदिर जाना बंद करने के लिए कहा !
नाशिक – यहां के ‘टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज’ (‘टी.सी.एस.’) प्रतिष्ठान में यौन उत्पीडन तथा बलपूर्वक धर्मांतरण के प्रकरणों के आरोपपत्र में नई सूचना सामने आई है । आरोपपत्र के अनुसार आरोपियों ने पूर्वनियोजित षड्यंत्र रचकर पीडितों को लक्ष्य बनाया । वर्ष २०२२ से २०२६ की अवधि में १८ से २५ आयुवर्ग की महिला कर्मचारियों को लक्षित किया गया है । एक पीडिता ने पुलिस को सूचित किया कि उसे पाकिस्तानी मौलवी तारिक जमील तथा जाकिर नाइक के वीडियो दिखाए जा रहे थे । गत सप्ताह नाशिक के न्यायालय में प्रस्तुत किए गए आरोपपत्र के अनुसार पीडितों को इस्लाम के विषय में जानकारी प्राप्त हो, इसलिए ये वीडियो दिखाए जाते थे । आरोपियों ने पीडिता को भजन सुनना एवं मंदिर जाना बंद करने के लिए कहा । ‘अल्लाह समस्त अपराध क्षमा कर देगा’, ऐसा भी उन्हें कहा जाता था । नाशिक स्थित ‘टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज’ में कार्यरत ९ पीडित महिलाओं ने अप्रैल मास में पुलिस में शिकायत प्रविष्ट (दर्ज) कराई थी । तत्पश्चात अब तक ८ आरोपियों को बंदी बनाया गया है ।
आरोपपत्र में १०६ साक्षियों के साक्ष्य सम्मिलित हैं । इसमें शिकायतकर्ता, उसकी माता, ‘टी.सी.एस.’ के कर्मचारी, प्रबंधन, ‘यौन उत्पीडन रोकथाम समिति’ के सदस्य तथा प्रकरण की जांच करने वाले अधिकारी सम्मिलित हैं ।
पीडिता द्वारा पुलिस को दिए गए साक्ष्य में कहा गया कि:
१. आरोपियों ने ‘मानसिक तनाव’ कम करने के बहाने उसकी दुर्बलता का अनुचित लाभ उठाया । एक आरोपी दानिश शेख, जो पूर्व से ही विवाहित है, उसने विवाह का प्रलोभन देकर यौन शोषण किया । जब पीडिता को अपने भविष्य के विषय में भय होने लगा, तब आरोपी ने कहा, ‘‘भयभीत मत हो, विश्वास रखो, अल्लाह हमारे साथ है । ईश्वर का भजन सुनना तथा मंदिर जाना बंद करो, तनाव कम हो जाएगा ।’’ पश्चात उसने ‘तस्बीह’ पढने के लिए कहा । (अल्लाह का गुणगान करने को ‘तस्बीह पढना’ कहा जाता है ।)
२. तृतीय ‘एफ.आई.आर.’ (प्रथम सूचना प्रतिवेदन) में पीडिता ने बताया, ‘‘मैं दिसंबर २०२४ में कार्यालय में थी । तब शफी शेख कार्य के बहाने समीप आकर बैठ गया एवं जानबूझकर मेरे पैर से अपना पैर रगडने का प्रयास किया । तत्पश्चात मेरे ‘कीपैड’ का उपयोग करने के बहाने अनुचित पद्धति से स्पर्श किया । मैंने अपनी आसंदी (कुर्सी) दूर की, तो वह उपहास करता हुआ चला गया । फरवरी २०२६ में तौसीफ ने मेरे धर्म (हिन्दू धर्म) को कम आंकने का प्रयास किया । उसने कहा कि कृष्ण ने १६ सहस्र महिलाओं से विवाह किया था, इससे ज्ञात होता है कि कृष्ण कैसे थे ? क्या भगवान शंकर को यह ज्ञात नहीं था कि गणेश पार्वती के पुत्र हैं ? यदि ज्ञात नहीं था, तो देवी पार्वती को पुत्र कैसे हुआ ? उन्होंने गणेश का शीश क्यों काटा ? (हिन्दू धर्म की इस लीला के पीछे गहन आध्यात्मिक तथा दार्शनिक अर्थ है, जो स्थूल बुद्धि की जिहादी मानसिकता को कभी समझ नहीं आ सकता ! – संपादक)
आरोपी पीडिता को देते थे इस्लाम के विषय में जानकारी !
दानिश ने उसके बैंक खातों तथा ‘यूपीआई पिन’ (डिजिटल भुगतान प्रणाली का गुप्त संख्यांक) की संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर ली थी । दानिश ने अन्य आरोपियों तौसीफ एवं निदा को कहा था कि वे मुझे इस्लामिक धर्म के विषय में जानकारी दें । अतः तौसीफ एवं निदा समय-समय पर मुझे इस्लाम के विषय में बताते थे ।
हिन्दू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी !
मुंबई नाका पुलिस थाने में प्रविष्ट की गई शिकायत के अनुसार, जनवरी से दिसंबर २०२५ तक कार्यालय में उसका यौन शोषण हुआ । वह महिला प्रतिष्ठान में ‘क्रेडिट कार्ड’ ग्राहकों की शिकायतें सुनती थी । उसने बताया, ‘‘तौसीफ अत्तार स्वयं के धर्म को श्रेष्ठ दर्शाता था तथा हिन्दू धर्म की बुराई करता था । वह कहता था कि वास्तविक ईश्वर वही है, जो अदृश्य है । हिन्दू धर्म में ईश्वर दृश्यमान हैं; इसलिए वे असत्य हैं ।
निजी जानकारी के आधार पर ‘लक्ष्य’ चुनते थे !
आरोपी नवीन नियुक्त होने वाले कर्मचारियों की निजी जानकारी के आधार पर ‘लक्ष्य’ चुनते थे । विशेष रूप से आर्थिक रूप से निर्बल तथा पारिवारिक समस्याओं से ग्रस्त कर्मचारियों को लक्षित किया जाता था । बंदी बनाई गई एच.आर. (मानव संसाधन) प्रबंधक अश्विनी चेनानी ने तौसीफ अत्तार के साथ ३८ बार, दानिश शेख के साथ १ बार, रजा मेमन के साथ २२ बार आपत्तिजनक ‘चैट’ (संभाषण) किया था । पीडित युवतियों ने जब आरोपियों के विरुद्ध शिकायत की, तब अश्विनी ने जानबूझकर शिकायत की उपेक्षा की । इसके विपरीत उसने पीडिता को ही प्रताडित किया । अन्वेषण में यह भी सम्मुख आया है कि जब पीडित त्रस्त होते थे, तब एच.आर. प्रबंधक उनसे संपर्क कर विश्वास अर्जित करती थी तथा धीरे-धीरे उनके रहन-सहन में परिवर्तन करने के लिए उन पर दबाव बनाया जाता था ।
‘व्हाट्सएप’ समूह का निर्माण
आरोपियों ने एक ‘व्हाट्सएप’ समूह भी बनाया था, जहां वे लक्ष्य पर चर्चा करते थे तथा धार्मिक एवं प्रतिष्ठान से संबंधित विषयों पर वार्ता करते थे । पुलिस इन ‘डिजिटल’ साक्ष्यों की भी जांच कर रही है ।
अब तक बंदी बनाए गए आरोपी
अब तक बंदी बनाए गए आरोपियों में आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार तथा अन्य सम्मिलित हैं । अश्विनी चेनानी को भी बंदी बनाया गया है । एस.आई.टी. इस संपूर्ण प्रकरण का अन्वेषण कर रही है अब तक १२ से अधिक संभावित पीडितों की पहचान की जा चुकी है ।

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