भारत बलपूर्वक घुसपैठियों को बांग्लादेश में धकेल रहा है ! – Bangladesh Allegation

बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस लेने के विषय पर सीमा पर बढता तनाव

ढाका (बांग्लादेश) – बंगाल में भाजपा की सरकार स्थापित होने के उपरान्त बांग्लादेशी घुसपैठिए अब पुनः सीमा की ओर जा रहे हैं । सीमा पर इतनी बडी मात्रा में घुसपैठियों को देखकर बांग्लादेश रुष्ट हुआ है । अब वे ऐसा आरोप लगा रहे हैं कि, भारत अवैध प्रवासियों को बलपूर्वक बांग्लादेश की सीमा में धकेल (‘पुश-इन’ कर) रहा है । अवैध प्रवासियों के आदान-प्रदान से पुनः एक बार गम्भीर राजनयिक एवं सैनिक तनाव निर्माण हो गया है । ‘भारतीय सुरक्षा बलों ने पिछले २४ घण्टों में अनेक बार घुसपैठियों को बलपूर्वक बांग्लादेश की सीमा में धकेलने का प्रयत्न किया’, ऐसा आरोप बांग्लादेश ने किया है । ‘बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश’ ने दावा किया कि, भारतीय अधिकारियों की ओर से सीमा के विविध भागों से लोगों को अवैध रूप से सीमा पार करवाकर भेजने के न्यूनतम (कम से कम) १० प्रयत्नों को उन्होंने विफल किया है ।

बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने चेतावनी दी है कि, किसी भी स्थिति में किसी भी व्यक्ति अथवा समूह को अन्तरराष्ट्रीय सीमा पार करके अवैध रूप से बांग्लादेश के क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी । अन्तरराष्ट्रीय सीमा प्रबन्धन के स्थापित नियम, शिष्टाचार एवं दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन करनेवाले किसी भी प्रयत्न का पूर्ण शक्ति से तथा कठोरता से विरोध किया जाएगा ।

बांग्लादेश के इस आरोप के कारण पिछले कुछ महीनों में दोनों पडोसी देशों के बीच सम्बन्ध सुधारने के लिए चल रहे राजनयिक प्रयत्नों पर पानी फिर गया है । बांग्लादेश के इस तीव्र आरोप पर वर्तमान में भारतीय पक्ष की ओर से कोई भी अधिकृत प्रतिक्रिया नहीं आई है । भारत के सीमा सुरक्षा बल ने एवं विदेश मन्त्रालय ने इस सम्पूर्ण प्रकरण पर पूछे गए प्रश्नों तथा टिप्पणी के निवेदनों का अभी तक कोई भी प्रति उत्तर नहीं दिया है ।

सीमा पर २४ घण्टे निगरानी रखना कठिन

भारत एवं बांग्लादेश के बीच ४ सहस्र किलोमीटर से अधिक लम्बाई की अन्तरराष्ट्रीय सीमा है, जो विश्व की सबसे लम्बी सीमाओं में से एक है । नदी, पर्वत एवं घने वनों जैसे अत्यन्त जटिल भौगोलिक क्षेत्रों से सीमा जाने के कारण इस सम्पूर्ण सीमा की अचूक नाकेबन्दी करना अथवा २४ घण्टे निगरानी रखना, यह दोनों देशों के सुरक्षा बलों के लिए सदैव ही एक बडी चुनौती रहा है ।

अनौपचारिक मार्गों पर ढाका की आपत्ति

बांग्लादेश की सरकार ने एवं राजनयिक अधिकारियों ने इस पर बल दिया है कि, अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए तथा उनकी वापसी के लिए एक निश्चित कानूनी एवं राजनयिक ढांचा अस्तित्व में है । उनका कहना है कि, यदि भारत में कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से रह रहा है एवं वह वास्तव में बांग्लादेशी नागरिक होने का सिद्ध हो जाता है, तो उसे स्थापित अन्तरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार तथा औपचारिक राजनयिक मार्गों से ही वापस भेजा जाना चाहिए ।

इस बढते तनाव को कम करने के लिए एवं दोनों देशों के बीच का यह गतिरोध सुलझाने के लिए अब सैनिक तथा राजनयिक स्तर पर चर्चा की तैयारी की जा रही है ।

संपादकीय भूमिका

  • बांग्लादेश को भारत द्वारा उसे समझ में आए ऐसी भाषा में समझाना अब आवश्यक हो गया है !
  • बांग्लादेशी घुसपैठ पर समय रहते अंकुश लगाना क्यों आवश्यक था, यह ऐसे विरोध से ध्यान में आता है । अब इन बांग्लादेशियों की संख्या करोडों में है । इसके लिए उत्तरदायी कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, साम्यवादी दल आदि को उत्तरदायी ठहराकर उनके विरोध में न्यायालयीन कार्रवाई होनी चाहिए !