केंद्रीय माध्यमिक शिक्षण बोर्ड की पुस्तक में छत्रपती शिवराय के विषय में २० पृष्ठों का पाठ ! – दादा भुसे, शिक्षण मंत्री

छत्रपती शिवराय का इतिहास डेढ पृष्ठ से २० पृष्ठों का करने का शासन का सराहनीय प्रयास ! शिवराय सहित अन्य राष्ट्रपुरुषों अथवा क्रांतिकारकों का इतिहास भी विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास भविष्य में किया जाना चाहिए !

Nagar Nigam Varanasi Decision : वाराणसी में अब मांस एवं मछली उपलब्ध नहीं होंगे !

हिन्दुओं के प्रत्येक तीर्थक्षेत्र वाले नगर में ऐसा निर्णय लिया जाना चाहिए !

TMC Kolkata Mayor : कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के महापौर फिरहाद हकीम का त्यागपत्र (इस्तीफा) ।

फिरहाद हकीम निरंतर हिंदू-विरोधी और देश-विरोधी वक्तव्य दे रहे थे। उन्हें पद छोडना पडा, हिंदुओं के लिए प्रसन्नता की ही बात है।

मृतक के नाम पर अभियोग चलाकर मंदिर प्रशासन के विरुद्ध अचलपुर के तहसीलदार के द्वारा दिया गया आदेश न्यायालय ने किया निरस्त ।

‘श्री दत्तात्रय संस्थान, नायगांव’की संपत्ति के संबंध में मिली कानूनी विजय ।
महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के प्रयासों को मिली सफलता ।

गोमाता की तस्करी तथा हत्या सहन नहीं की जाएगी । – Pratap Sarnaik

बकरी ईद की पृष्ठभूमि में राज्य में गोमाता की अवैध ढुलाई, अवैध बूचडखानों तथा गोवंशों पर होनेवाले अमानवीय अत्याचारों के विरुद्ध राज्य सरकार ने कठोर रुख अपनाया है ।

Bhojshala : ७०० वर्षों के उपरांत शुक्रवार को भोजशाला में नमाज नहीं, अपितु हिन्दुओं ने की अखंड पूजा ।

उच्च न्यायालय के निर्णय में भोजशाला परिसर स्थित मस्जिद में नमाज की अनुमति निरस्त कर दी गई थी । इसलिए मुसलमान वहां नमाज अदा नहीं कर सके ।

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा नियंत्रित किए गए मंदिर को भाजपा ने कराया मुक्त !

बंगाल में भाजपा के सत्ता में आते ही बीरभूम जनपद के रामपुरहाट में स्थित ‘श्री श्री राधा गोविंद मंदिर’ के भोगघर पर से तृणमूल कांग्रेस का नियंत्रण हटा दिया गया ।

Lahore Renames Places : लाहौर (पाकिस्तान) के ९ सार्वजनिक स्थानों के इस्लामी नाम बदलकर पुनः हिन्दू नाम रखे गए !

नामकरण के दूसरे चरण में पाकिस्तान के सिंध एवं खैबर पक्तूनख्वा प्रांतों में भी मूल नामों की घोषणा संभव है । नगर में नाम परिवर्तन की प्रक्रिया १९९० के दशक में बाबरी ढांचे के गिराने के उपरांत प्रारंभ हुई थी ।

स्पष्ट सत्य : भोजशाला मुक्त ।

हिन्दुओं ने राम मंदिर अयोध्या के लिए ५०० वर्षों तक संघर्ष किया, भोजशाला के लिए १०० वर्षों तक संघर्ष किया, फिर भी काशी विश्वनाथ मंदिर तथा श्री कृष्ण जन्मभूमि की पूर्ण मुक्ति अभी शेष है ।

Bhojshala Verdict : भोजशाला मस्जिद नहीं, हिन्दुओं का श्री वाग्देवी मंदिर ! – मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय

खंडपीठ ने कहा, ‘यद्यपि कालचक्र के प्रभाव में इस स्थान पर कुछ नियम आरोपित किए गए थे, तथापि इस स्थान पर पूजा का स्थान होने की निरंतरता दृष्टिगोचर हुई है । इस स्थल पर प्राप्त ऐतिहासिक सामग्रियां यह सिद्ध करती हैं कि यह राजा भोज से संबंधित संस्कृत शिक्षा का एक केंद्र था ।