हिन्दू राष्ट्र निश्चित रूप से बनेगा ! – Mahabharat Actors

यहां आयोजित बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रवचन कार्यक्रम के समय बी.आर. चोपड़ा के प्रसिद्ध ‘महाभारत’ धारावाहिक के कलाकार उपस्थित थे ।

‘विशू’ उत्सव के शुभकामना फलक पर श्रीकृष्ण के सामने ‘चिकन मंदी’की थाली दिखाई , होटल के मुसलमान मालिक को बंदी बनाया ।

धर्मांध मुसलमान हिन्दुओं के विरुद्ध जिहाद करने का एक भी अवसर नहीं गंवाते, इससे यही ध्यान में आता है । हिन्दुओं को इसके विरुद्ध संगठित होकर आगे कोई देवताओं का अनादर करने का साहस नहीं करे, ऐसा उत्तर देना चाहिए ।

(और इनकी सुनिए…) ‘श्रीराम एवं कृष्ण मृग का मांस खाते थे, मद्यपान भी करते थे !’ – Dhruv Rathee

कुप्रख्यात यूट्यूबर ध्रुव राठी की हिन्दुद्रोही टिप्पणियां !

PIL Hindu Gods Denigration : प्राथमिकी (FIR) प्रविष्टी की यचिका पर दिल्ली न्यायालय का निर्णय सुरक्षित !

‘एक्स’ (X) पर हिन्दू धर्म के विरुद्ध अपमानजनक एवं भडकाऊ पोस्ट करने के आरोप में निर्देश सिंह के विरुद्ध याचिका प्रविष्ट करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने यहां के साकेत न्यायालय में प्रविष्ट की है ।

विद्यालयोंमें श्रीमद्भगवद्गीता को सम्मिलित करें ! – HD Kumaraswamy

केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कहा है कि “गीता के चुने हुए श्लोकों को सम्मिलित करने से विद्यार्थियों में नैतिकता, वैचारिक स्पष्टता एवं चरित्र का निर्माण होगा ।”

‘शंखनाद महोत्सव’ की निमंत्रण पत्रिका पर भगवान श्रीकृष्ण के विश्वरूप दर्शन का चित्र छापने का महत्त्व !

‘शंखनाद महोत्सव के माध्यम से युद्ध का शंखनाद होना और शंखनाद महोत्सवरूपी रथ पर सनातन राष्ट्र के ध्वज का आरोहण होना’, यह भगवान श्रीकृष्ण के विश्वरूप दर्शन का समय निकट आने का संकेत है ।

शंखनाद का महत्त्व

महाभारत में प्रत्येक दिन के युद्ध का आरंभ एवं युद्धविराम शंखनाद से होता था । शंखनाद के कारण सेना में उत्साह एवं वीरता का संचार होता था तथा उसी समय शत्रु के मन में भय भी उत्पन्न होता था ।

Udupi PM Modi : भगवद्गीता कहती है कि शांति एवं सत्य स्थापित करने के लिए अत्याचारियों का अंत करना भी आवश्यक !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां वक्तव्य दिया कि श्रीकृष्ण ने रणभूमि पर गीता का संदेश दिया था । मैं लाल किले से श्रीकृष्ण की करुणा का संदेश देता हूं तथा उसी स्थान से ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ की घोषणा भी करता हूं ।

तुलसी विवाह का अध्यात्मशास्त्र तथा तुलसी का अद्वितीय महत्त्व

इस लेख में हम ‘तुलसी दर्शन का महत्त्व, तुलसी की आध्यात्मिक विशेषताएं, प्रतिवर्ष श्रीकृष्ण के साथ तुलसी का विवाह कराने के संदर्भ में कथा, साथ ही ‘देवता को भोग लगाते समय तुलसी के पत्तों का उपयोग क्यों करना चाहिए ?’, इस संदर्भ में जानकारी दे रहे हैं ।

श्रीराम एवं श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सभी साधक प्रतिदिन १०८ बार ‘हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे । हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।।’ इस महामंत्र का जप करें !

सप्तर्षि जीवनाडीपट्टी में किए गए उल्लेख के अनुसार, सर्वत्र स्थित सनातन के साधकों को युद्धकाल के लिए श्रीकृष्ण तथा रामराज्य के लिए श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त होना आवश्यक है ।